गैरसैंण। ई-टेंडरिंग के विरोध में ठेकेदार संघ का धरना दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। ठेकेदारों का कहना है कि सरकार की ई-टेंडरिंग की नीति के चलते पहाड़ के ठेकेदार बेेरोजगार हो गए हैं। लोक निर्माण परिसर में धरने पर बैठे ठेकेदारों ने कहा कि तहसील मुख्यालय पर इंटरनेट सेवा नहीं है। सरकारी दफ्तरों में ऑनलाइन काम काज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। यही नहीं पहाड़ में छोटे ठेकेदार ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के चलते बेरोजगार हो गए हैं। ठेकेदारों ने कहा यदि सरकार ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को सरल नहीं बनाती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार को धरना देने वालों में खिलाफ सिंह, पुष्कर सिंह, हीरा प्रसाद, बीरेंद्र बिष्ट, सोबन शाह, दिनेश पुरोहित आदि शामिल थे।