पेंशन के लिए विभाग में चक्कर काट रहे किसान
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सरकार भले ही किसानों को तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया करने के दावे करती हो, लेकिन हकीकत इन दावों से परे है। आलम यह है कि नौ माह से किसानों को पेंशन नहीं मिल पाई है। अप्रैल से किसान समाज कल्याण विभाग में पेंशन जारी करने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार बजट न होने का हवाला देकर अधिकारी उन्हें लौटा रहे हैं। इसके किसानों में रोष है।
जिले में करीब 777 किसान पात्र के पात्र हैं, जिन्हें समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन जारी की जाती है। किसानों को प्रतिमाह एक हजार रुपये के हिसाब से हर तिमाही तीन हजार रुपये पेंशन मुहैया कराई जाती है। बुधवार को समाज कल्याण विभाग में पहुंचे विकासनगर निवासी अशोक ने बताया कि पेंशन कम है, लेकिन इससे कुछ सहारा तो मिलता ही है। बताया कि नौ माह से खाते में पेंशन नहीं आई है। इन नौ महीनों में वह पांच बार विभाग के कार्यालय में आ चुके हैं लेकिन हर बार बजट नहीं आया बोलकर अधिकारी लौटा देते हैं।
इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने बताया कि शासन से किसानों के लिए 69 लाख, 93 हजार रुपये की मांग की गई। इसके लिए पत्र भी जारी किया जा रहा है। शासन से बजट मिलते ही किसानों को पेंशन जारी कर दी जाएगी।
ये है किसान पेंशन की पात्रता
- किसान की आयु 60 वर्ष से अधिक हो।
- किसान के नाम ढाई एकड़ से कम भूमि हो।
- किसान स्वयं कृषि करता हो।