बनते ही उधड़ने लगी पीएमजीएसवाई की सड़क
-- दोगी पट्टी में दस एकड़-चमेली मोटर मार्ग का हाल
-- नवनिर्मित सड़क पर बने गड्ढे, जमा हो रहे बजरी के ढेर
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई डिवीजन नरेंद्रनगर दोगी पट्टी की दस एकड़-चमेली मोटर मार्ग के डामरीकरण में घटिया सामग्री लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 8.8 किलोमीटर की इस सड़क पर करीब माह भर से डामरीकरण का कार्य हो रहा है, जिसमें साढ़े चार किमी. डामरीकृत की गई सड़क का अधिकांश हिस्से से बीएमएसडीबीसी कोलतार की लेयर उधड़ चुकी है। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर प्रखंड स्थित दोगी पट्टी में गूलर-गजा मोटर मार्ग के किलोमीटर छह से दस एकड़-चमेली संपर्क मार्ग पीडब्ल्यूडी पीएमजीएसवाई डिवीजन के अंतर्गत आता है। जिस पर विभाग बीते दिसंबर माह से डामरीकरण का कार्य करा रहा है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कान सिंह रावत, यशपाल सिंह कैंतुरा, अज्जू पंवार, भीम सिंह रावत, गुलजार सिंह पंवार, गोपाल सिंह पंवार आदि ने आरोप लगाया कि मार्ग पर डामरीकरण कार्य के तहत बिछाई जा रही कोलतार की लेयर की गुणवत्ता ठीक नहीं है। अभी तक सड़क का चार किमी. से अधिक हिस्से पर डामरीकरण का कार्य हो चुका है, मगर लेयर उधड़ने के बाद कई जगह गड्ढे पड़ गए हैं। लिहाजा जगह-जगह कोलतार मिक्स बजरी के ढेर बन गए हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण मार्ग की गुणवत्ता और उसे ठीक प्रकार से बनाने की मांग को लेकर विभागीय अवर अभियंता से लेकर अधिशासी अभियंता तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने आशंका जताई कि सड़क के बजट में गोलमाल कर सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
इंसेट
सड़क बनने से इन गांवों को मिलेगी सुविधा
ऋषिकेश। पीएमजीएसवाई के तहत बनी दस एकड़-चमेली मोटर मार्ग से सिलकणी, पजैगांव, घिगुड़, भरगिड़, बांसकाटल, टिपरी, भांगला, कोटर, क्यारा, जमोला, मठियाली आदि को आवागमन की सुविधा मिलनी है।
क्या कहते हैं ईई
दस एकड़-चमेली मार्ग पर पीसी कार्य चल रहा है। 8.8 किमी. मार्ग का 4.5 किमी. हिस्से पर पीसी का कार्य पूरा किया जा चुका है। जिसमें तीन स्थानों पर नमी के कारण करीब 100 मीटर हिस्से में पीसी लेयर उधड़ गई है। जिस पर फरवरी मध्य के बाद ठेकेदार को कार्य करने का नोटिस जारी किए गए हैं। ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है। उक्त पैच गुणवत्ता के साथ बनने के बाद ही संबंधित ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।
- आरबी तिवारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी पीएमजीएसवाई, नरेंद्रनगर डिवीजन।