हंगामे के बीच पास हुआ गैरसैंण राजधानी का प्रस्ताव
ब्यूरोे/अमर उजाला/देहरादून।े
देहरादून। युवा आह्वान संस्था की ओर से आयोजित युवा विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। पक्ष ओर विपक्ष के बीच गैरसैंण को राजधानी बनाने लेकर तकरार की स्थिति बनी रही। आखिरकार बहुमत के आधार पर स्थायी राजधानी का प्रस्ताव पारित हुआ।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में आयोजित युवा विधानसभा को शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने शिरकत की। उन्होंने राजनीति में पढ़े लिखे युवाओं के आने की बात कही। पढ़े लिखे युवाओं से ही समाज के साथ देश का विकास संभव है।
वहीं गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने को लिए पक्ष और विपक्ष में जोरदार बहस हुई। इसके बाद प्रस्ताव के लिए वोटिंग हुई, लेकिन दोनों ओर से 25-25 मत पड़े और मामला फिर फंस गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विनोद बग्याल के वोट पर प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को पर्यटन मंत्री लुसुन तोड़रिया ने पेश किया। वहीं नेता प्रतिपक्ष गणेश धामी ने कहा कि गैरसैंण में भवन बना देने से कुछ नहीं होगा। विकास के लिए पहले नीतियों व कार्यक्रमों का स्पष्ट दृष्टिकोण होना चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री महेश रावत ने कहा कि गैरसैंण राजधानी बनने से वहां उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा व रोजगार सृजन होगा। वहीं विपक्ष से नेता सुरभि शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण से पहले कन्या भ्रूण हत्या खत्म हो और दहेज प्रथा की पुरुषवादी सोच खत्म होनी चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को आरक्षण से ही सशक्त ना बनाए बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत बना कर किया जाए। महिला विकास मंत्री चेतना भट्ट ने सदन में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया और उन्होंने कहा कि इससे लिंग भेद कम होगा तथा इससे लोकतंत्र भी मजबूत होगा। मुख्य वक्ता के तौर पर मुकेश नौटियाल, विशिष्ट अतिथि रमेश भट्ट, मीडिया सलाहकार मुख्यमंत्री सतीश लखेड़ा, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सलाहकार समिति के सदस्य एवं विपुल मैंदोली आदि मौजूद रहे।