फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस पहले दिन से थी खिलाफ

विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस पहले दिन से थी खिलाफ
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। देहरादून नगर निगम के सीमा विस्तार का कांग्रेस पहले दिन से विरोध कर रही थी। कांग्रेस का कहना था कि 1998 में सीमा विस्तार के बाद शामिल किए गए इलाकों में वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई है। ऐसे में नए गांवों को जोड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
विज्ञापन

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक 1998 में नगर पालिका का विस्तार कर दून को नगर निगम बनाया गया था। बीते 16-17 वर्षों के दौरान विस्तारित क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा निस्तारण समेत अन्य नागरिक व्यवस्थाएं विकसित नहीं हो पाई हैं। ऐसे में नए इलाकों को शामिल करना ठीक नहीं होगा। इसके अलावा कांग्रेस ने नगर निगम के पास संसाधनों और व्यवस्थाओं की कमी को भी मुद्दा बनाया था। कांग्रेस का कहना था कि नगर निगम में आवश्यकता अनुसार अधिकारी और कर्मचारी भी नहीं हैं। इसके अलावा अवस्थापना, सफाई, कर, भूमि प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का ढांचा तक तैयार नहीं है। इसके चलते नए जुड़ने वाले 60 गांवों के लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी और पहले से शामिल इलाकों में भी समस्याएं बढे़ंगी। इसको लेकर कांग्रेस ने तत्कालीन राज्यपाल के सामने विरोध जताने के साथ ही सड़कों पर उतरकर भी सरकार के फैसले की मुखालफत की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें