गुरु पूर्णिमा आज, होगा गुरु वंदन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर शुक्रवार को गुरु का पूजन-वंदन होगा। इस दिन को गुरु के ज्ञान एवं उनके स्नेह दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर शहर भर के मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूर्णिमा से मनाई जाएगी। गुरु पूर्णिमा के दिन ब्रह्मा के मानस पुत्र भगवान दक्ष प्रजापति की जयंती भी मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार दक्ष प्रजापति को तमाम ऋषि-मुनियों का गुरु कहा जाता है। जिस कारण इस गुरु पूर्णिमा पर देश-दुनिया में उनकी जयंती मनाई जाती है। पूर्णिमा की तिथि 26 जुुलाई रात्रि 11:30 बजे से 28 जुलाई प्रात: 12:30 बजे तक रहेगी।
नागेश्वर मंदिर के महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा साल में एक बार आती है। इस साल गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई को पूजा-वंदना कर मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गुरु को ईश्वर से भी बड़ा दर्जा दिया जाता है। इस पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। शहर के आश्रमों और मंदिरोें में गुरु की पूजा-वंदना की जाएगी।
फलदाई होता है चंद्रग्रहण का पूजा करना
गुरु पूर्णिमा में पड़ रहे चंद्रग्रहण में पूजा करना बहुत ही फलदाई होता है। इस साल गुरु पूर्णिमा खत्म होने से पहले ही 27 जुलाई की रात्रि 11:55 बजे चंद्रग्रहण प्रारंभ हो रहा है, जो कि 28 जुलाई तड़के 3:51 तक होगा। टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्ण गिरि ने बताया कि चंद्रग्रहण के समय हुई पूजा-अर्चना व माला जाप, अनुष्ठान, मंत्रों की समृद्धि ज्यादा प्रभावशाली व फलदाई होती है।
आश्रमों में होगा विशेष पूूजन
गुरु पूर्णिमा के दिन शहर के आश्रमों में गुरु का विशेष पूजन-वंदन किया जाएगा। गुुर पूर्णिमा पर्व को दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, संत निरंकारी मंडल ओर से विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस मौके पर गुरु का पूजन कर लोगों को सद्गुरु का महत्व बताया जाएगा। सुबह आश्रमों के साथ-साथ मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।
शिव महापुराण कथा का आयोजन आज
गढ़ी डाकरा स्थित प्राचीन श्री गोरक्षनाथ नागेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार को शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। मंदिर के महंत ने बताया कि प्रात: 4 बजे से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया जाएगा। साथ ही भागवान शिव-पार्वती की विशेष वंदना कर सुबह की आरती की जाएगी। इसके बाद शाम चार बजे से शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा।