ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
धुमाकोट बस हादसे के बाद नींद से जागे परिवहन विभाग ने सोमवार से वाहनों की चेकिंग के लिए सात दिवसीय विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। परिवहन सचिव एवं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन के निर्देश पर सभी आरटीओ और एआरटीओ ने अपने-अपने क्षेत्रों में वाहनों की चेकिंग की। निर्देशानुसार, आरटीओ प्रतिदिन अभियान की समीक्षा करने के साथ ही मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे।
परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी कर कहा है कि सोमवार से ही चेकिंग अभियान शुरू कर दिन-रात यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग, ओवर स्पीड, वाहनों की फिटनेस, सीट बेल्ट आदि की जांच करें। शराब के नशे मेें वाहन चलाते समय पकड़े जाने पर गाड़ी सीज कर चालक का लाइसेंस निरस्त कराया जाए। परिवहन आयुक्त का कहना है कि अक्सर चेकिंग अभियान शहरों और मुख्य मार्गों तक ही सीमित रह जाता है। लिहाजा इस बार दूरदराज के मार्गों पर भी चेकिंग की जाए, ताकि धुमाकोट जैसे हादसे रोके जा सकें।
परिवहन आयुक्त डी सेंथिल पांडियन का कहना है कि वह खुद सड़कों पर उतरकर ओवरलोडिंग समेत तमाम बिंदुओं की जांच करेंगे। कोई गड़बड़ी पाए जाने पर चालकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही संबंधित आरटीओ एवं एआरटीओ के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि धुमाकोट हादसे में दुर्घटनाग्रस्त बस की क्षमता महज 30 यात्रियों की थी और उसमें 61 यात्री सवार थे। लिहाजा इसमें परिवहन विभाग के अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।