ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के आठवें द्विवार्षिक अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। योगेश पंत अध्यक्ष, ओमप्रकाश टम्टा उपाध्यक्ष, सुमंत सिंह राजपूत महासचिव, गोविंद बल्लभ सती कोषाध्यक्ष और उजमा नाज को संप्रेक्षक चुने गए। अधिवेशन में कैंट विधायक हरबंश कपूर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक किसान है। किसानों और पशुपालकों का प्रदेश और देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। हमें सहयोगी बन उनकी समस्याओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को काम का पूरा दाम मिलना चाहिए। इस दौरान संघ ने अपना नौ सूत्री मांग पत्र भी पशुपालन निदेशक को सौंपा। इस मौके पर उत्तराखंड कार्मिक शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के मुख्य समन्वयक ठाकुर प्रहलाद सिंह ने कहा कि संघ मांगें जायज हैं और पशुपालन विभाग के निदेशक को नौ सूत्री मांगों को पूरा करना चाहिए। अधिवेशन में उत्तराखंड पशु विकास परिषद के निदेशक डॉ. केके जोशी, अपर निदेशक अशोक कुमार, नंद किशोर बिष्ट, दिवाकर नैथानी, चंद्रशेखर सेमवाल, कृष्णा मुसान, एफडी खान समेत राज्य के लगभग 400 पशु चिकित्सक मौजूद रहे।
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समस्याओं का तत्काल होगा समाधान
किसानों और पशुपालकों तक सरकार की योजनाएं आसानी से पहुंचाने के लिए उत्तराखंड पशु विकास परिषद ने हाल ही में व्हॉट्सएप ग्रुप शुरू किया है। परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. एमएस नयाल ने बताया कि सरकारी योजनाएं किसानों और पशुपालकों तक सोशल नेटवर्किंग से पहुंचाने के लिए एक निजी कंपनी का सहारा लिया गया है। कंपनी के साथ परिषद ने एक साल का समझौता कर डिजिटल सोशल मीडिया मैनेजमेंट का गठन किया है। इसके जरिये सरकार और परिषद की योजनाओं की जानकारी प्रदेश के किसानों और पशुपालकों को दी जाएगी। ग्रुप में राज्य स्तर पर सचिव, जिले, विकासखंड, पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी को भी जोड़ा जाएगा। लोग समस्याएं इस ग्रुप में बताएंगे, जिनका तत्काल समाधान किया जाएगा।