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फोटो महान स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैय्यब को किया याद

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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स्वतंत्रता संग्राम के सेना नायक एवं महान देशभक्त अब्बास तैय्यबजी की 82वीं पुन्य तिथि पर शुक्रवार को तस्मिया अकादमी में श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। साथ ही पुस्तक जन विद्रोह का विमोचन किया गया।
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शुक्रवार को इन्दर रोड स्थित तस्मिया अकादमी में आयोजित श्रद्धांजली सभा में महान स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैय्यबजी की बहादूरी को याद किया गया। डा.जय सिंह रावत ने उनकी याद पर किताब ‘‘जन विद्रोह‘‘का विमोचन किया । बड़ोदरा उच्चन्यायालय के सेवानिवृत मुख्य नयायाधीश अब्बास तैय्यब जलियांवाल बाग़ नरसंहार से विचलित होकर महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में कूदने वाले इस महान नेता ने अपनी अंतिम सांस 9 जून 1936 को मसूरी के साउथ वुड इस्टेट मेें ली। उनकी सुपुत्री शरीफ ा ने उनके देहावसान के बाद इस प्रोपर्टी को ट्रस्ट बना राष्ट्रपति को देश के लिए भेंट की। सभा में पहुंचे पूर्व सांसद परिपूर्णानन्द पैन्यूली ने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले तैय्यब को देश का मूल्य रत्न बताया। इसी क्रम में डॉ. एस फारूक़ ने अब्बास तैय्यब जैसे देश्भक्त एवं ज्ञानी व्यक्ति भारत में बहुत कम हुए हैं। गांधी जी और तैयब जी का चोली दामन का साथ था। लड़कियों की शिक्षा का खास ध्यान रखते थे तथा उस ज़माने में वह उन्हें पढ़ाने का पूरा प्रयास करते थे। उनका मानना था कि अगर लड़कियां पढ़ी लिखी होंगी तो देश तरक्क़ी करेगा। ले.जनरल (सेवानिवृत) श्री ओपी कौशिक ने भी तैयब जी को श्रद्धांजली देते हुए कहा कि एसे महापुरूषों के कारण ही हम स्वतंत्र जीवन यापन कर रहे हैं। सभा में डा. आईपी सक्सेना, मुफ्ती वसीउल्लाह, एसपी कोचर, मनु कोचऱ, एस भाटिया, सरदार एस माथुर, डा डीएम चन्दोला, गुलजार सिहं समेत कई समाज सेवी मौजूद रहे।
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