घर-घर जाकर होगा पेंशन का सत्यापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
समाज कल्याण विभाग घर-घर जाकर पेंशन का सत्यापन करवाएगा। तमाम फजीहत के बाद बुधवार को विभागीय अधिकारियों ने यह घोषणा की। एक हजार रुपये की पेंशन का सत्यापन कराने तहसील पहुंच रहे दिव्यांगों, विधवाओं और वृद्धों के लिए राहत भरी खबर है। इसके तहत संबंधित कर्मचारी पेंशनर के घर पहुंच कर सत्यापन करेंगे। इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या शिकायत मिलने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर अधिकारियों ने समस्या का संज्ञान लेते हुए घर घर जाकर सत्यापन की बात कही है। हालांकि इस तरह के दावे अधिकारी पहले भी कर रहे थे। जबकि परेशान लोग सत्यापन कराने तहसील पहुंच रहे हैं। समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने बताया कि किसी भी पेंशनर को सत्यापन के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। उनका सत्यापन घर-घर पर ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा भी नहीं है कि सत्यापन नहीं हो पाता है, तो पेंशन काट दी जाएगी। किसी का सत्यापन नहीं आने का मतलब पेंशन काटना नहीं है। सत्यापन के लिए किसी को कहीं आने-जाने की जरूरत नहीं है। ये सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वो पेंशन का सत्यापन घर-घर जाकर करेंगे। इस सत्यापन की अंतिम तिथि 30 जून है।
बता दें कि काफी दिनों से एक हजार रुपये की पेंशन पाने के लिए तहसील में सत्यापन कराने पहुंच रहे लोगों को फजीहत झेलकर भी निराश ही वापस लौटना पड़ रहा था। लोगों का आरोप था कि तहसील में बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं हो रहा है। कर्मचारी यहां सक्रिय दलालों के माध्यम से काम करते हैं। मंगलवार को पेंशन का सत्यापन कराने तहसील पहुंचे दिव्यांगों, विधवाओं और वृद्धों को दिनभर के इंतजार के बाद निराश ही घर लौटना पड़ा था। आक्रोशित लोगों ने तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी भी की थी।