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पार्किंग के नाम पर वसूली खूब, सुविधाओं पर धैला खर्च नहीं

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बीटीसी में कमाई लाखों की, सुविधाएं कुछ भी नहीं
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-- प्रतिमाह रोडवेज डिपो व बाहरी बसों से दो लाख शुल्क ले रहा नगर निगम
-- चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड का हाल

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
तीर्थनगरी स्थित चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड (बीटीसी) में संचालित उत्तराखंड परिवहन निगम के ऋषिकेश डिपो की बसों व अन्य प्रांतों की रोडवेज बसों से नगर निगम प्रतिमाह पार्किंग शुल्क के नाम पर करीब दो लाख रुपये वसूल रहा है, लेकिन कंपाउंड में यात्री सुविधाओं के लिए निकाय एक धेला खर्च करने को तैयार नहीं है। दरअसल, नगर निगम प्रशासन ने चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में पार्किंग का ठेका निजी एजेंसी को दिया है। कंपाउंड में राज्य परिवहन निगम का बस अड्डा भी संचालित हो रहा है। ऋषिकेश डिपो के पास यहां 60 बसों को बेड़ा है, जिनमें से रोजाना 40 बसों से 50-50 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाता है। जबकि अन्य प्रदेशों से डिपो में रोजाना करीब 85 बसें पहुंचती हैं, जिनसे दिन में प्रति बस 100 रुपये जबकि रात के समय दोगुना शुल्क वसूला जाता है।
परिवहन निगम और अन्य राज्यों की बसों से भारी-भरकम शुल्क वसूली के बावजूद बीटीसी कंपाउंड में यात्रियों के लिए सुविधाएं कहीं नजर नहीं आ रही हैं। पूरे कंपाउंड में यात्रियों के बैठने व सुस्ताने तक कहीं कोई व्यवस्था नहीं की गई है। एक अदद यात्री शेड नहीं होने की वजह से ग्रीष्मकाल में यात्रियों को तेज धूप और तपिश में वाहनों का घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि बरसात के भीगना पड़ता है। बस अड्डे पर यात्रियों के लिए पेयजल के भी मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। स्ट्रीट लाइट के बिना रात के समय यात्रियों को अंधेरे में रहना पड़ता है। हर रोज हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले ऋषिकेश डिपो में निगम की साफ-सफाई की स्थिति भी लचर है। नालियों की सफाई नियमित नहीं होने से उनमें कूड़ा कचरा जमा हो जाता है, जिसकी दुर्गंध से पैसेंजरों को परेशान होना पड़ता है। परिसर में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए कैंपस में कूड़े-कचरे के लिए पर्याप्त डस्टबिन भी नहीं रखे गए हैं।
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हरियाली का कहीं नामोनिशां नहीं
ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के लिए एक छत के नीचे यात्रियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के तहत स्थापित किए गए यात्रा 12 करोड़ के बस ट्रांजिट कंपाउंड में निर्माण एजेंसी लेआउट के तहत कैंपस में हरियाली उगाना भूल ही गई। देखरेख का जिम्मा संभाल रहे नगर निगम के अधिकारियों ने भी हरियाली पर कभी गौर नहीं किया। लिहाजा कंपाउंड महज कंक्रीट का जंगल बनकर रह गया है। पूरे कैंपस में गिनेचुने पुराने पेड़ ही खड़े हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
पार्किंग के लिए ऋषिकेश रोडबेज डिपो की प्रति बस से 50 और अन्य राज्यों की बसों से दिन में 100 रुपये शुल्क लिया जाता है। बाहरी बसों से रात के समय करीब 400 रुपये वसूला जाता है। यह शुल्क नगर निगम द्वारा वसूला जा रहा है। लिहाजा व्यवस्थाएं उसे ही जुटानी हैं।
टीकाराम आदित्य, एजीएम, परिवहन निगम।

कंपाउंड में यात्रियों के लिए साफ-सफाई से लेकर अन्य सभी सुविधाएं मुकम्मल हैं, और अधिक सुविधाएं डेवलप करने के लिए निकाय प्रशासन प्रयासरत है।
महेंद्र सिंह यादव, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, ऋषिकेश
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