हरिद्वार। जिला प्रशासन और मातृसदन के बीच जारी विवाद थमने का नाम ले रहा है। पिछले दिनों जिलाधिकारी पर वाद दायर कराने के बाद मातृसदन की ओर से अब एक और वाद दायर किया है। मातृसदन ने डीएम पर धार्मिक भावनाआें के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। वही जिलाधिकारी ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत मेें दाखिल किए गए वाद में मातृसदन के स्वामी दयानंद का कहना है कि जिलाधिकारी दीपक रावत मातृसदन के संतों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर अधीनस्थ अधिकारियों की ओर से मातृसदन के संतों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। स्वामी दयानंद का कहना है कि भू-माफिया ने वन विभाग की 108 बीघा जमीन दस्तावेजों में हेराफेरी करके हड़प लिया गया था। मातृसदन की ओर से प्रकरण को उठाने के बाद जमीन वन विभाग को सौंपी गई। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। स्वामी दयानंद का कहना है कि पिछले दिनों मातृसदन परिसर में पेड़ काटे गए जिसे लेकर डीएम के आदेश पर वन विभाग के अफसरों ने कार्रवाई की। जो सरासर गलत है। सूखे पेड़ों को काटने के लिए कोई अनुमति नही ली जाती है। दूसरी ओर जिलाधिकारी दीपक रावत का कहना है कि मातृसदन को वाद दायर करने का पूरा अधिकार है। जिला प्रशासन की ओर से जो भी कार्रवाई की गई वह कानूनों के तहत की गई है। जहां तक धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ की बात है तो उन्होंने किसी भी संत की भावनाओं को ठेस नही पहुंचाया हैं। मातृसदन के संत अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।