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ठंड का कहर: पूरे दिन सुन्न हवा ने रुलाया

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हरिद्वार। करीब एक हफ्ते से पड़ रही कड़ाके की ठंड से फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही। जनवरी का महीना जैसे-जैसे आग बढ़ रहा है, ठंड ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया। शनिवार को भी धर्मनगरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय छाए कोहरे और दोपहर बाद चली हवाओं ने लोगाें की मुश्किल बढ़ा दी। शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 13.4 और न्यूनतम 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बृहस्पतिवार के बाद शनिवार का दिन भी सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। जिसमें अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सप्ताह में दूसरी बार 15 डिग्री से नीचे तापमान दर्ज किया गया। जबकि शुक्रवार की रात्रि को इस मौसम का सबसे न्यूनतम स्तर पर तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया। शनिवार सुबह भी हरिद्वार और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को उठानी पड़ी। हाईवे पर कुछ मीटर की दूरी पर ही दिखाई नहीं दे रहा था। वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। शहर के अंदर भी यही स्थिति रही। सुबह समय पर दफ्तर पहुंचने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान रहे। सुबह 9 बजे के बाद कोहरा छंटना शुरू हुआ। इसके धूप निकली पर उसका असर कम ही दिखा। दोपहर के बाद फिर ठंडी हवाएं चलने लगी। पहाड़ों में बर्फबारी से मैदान में ठंडी हवाएं चल रही हैं। शाम के समय ठंडी हवाओं के चलते गंगा घाटों से लेकर बाजारों में बहुत लोग नजर आए।
ठंड से जनजीवन के साथ कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। बाजार सुबह के समय देर से खुल रहे और रात को जल्दी बंद हो रहे हैं। बाजारों में भीड़ नहीं होने के कारण व्यापारी दिनभर खाली बैठे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को खेतीबाड़ी का काम करने के साथ पशुपालकों के लिए चारे की व्यवस्था करने में दिक्कत उठानी पड़ रही है।
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रुड़की एनआईएच के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ और दिन सर्दी इसी तरह से बनी रहेगी। वहीं नगर निगम हरिद्वार की ओर से शहर में अलाव जलाकर लोगों को ठंड में कुछ राहत दी। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया और मेयर मनोज गर्ग अलाव जलाने की स्वयं निगरानी करते रहे। उन्होंने बताया कि नियत स्थानों के अलावा लोगों की डिमांड पर अलाव के लिए लकड़ी पर्याप्त उपलब्ध कराई गई है।
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