अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन करवाने के लिए रेलवे रोड चित्रा टाकीज के सामने नाले से हटाए गए खोखा दुकानदार फिर से हाईकोर्ट की शरण में गए हैं। सुप्रीमकोर्ट ने नवंबर 2015 को हटाए गए खोखा दुकानदारों को तीन महीने में पुनर्वासित करने के लिए राज्य सरकार तथा नगर निगम को आदेश दिया था। सुप्रीमकोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी थी कि नियत अवधि में विकल्प नहीं देने पर याची आदेश का अनुपालन कराने के लिए हाईकोर्ट जाएं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से सरकार व नगर निगम प्रभावितों को विकल्प देने का आश्वासन दे रहा है। ऐसे में परेशान कई खोखा दुकानदारों ने मिलकर सुप्रीमकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याची चोखेलाल ने बताया कि हाईकोर्ट में 11 जनवरी को याचिका पर सुनवाई होगी। रोडवेज बस स्टैंड से रेलवे रोड और चित्रा टाकीज के सामने तक नाले को खोलने के लिए प्रशासन ने अगस्त 2010 की बाढ़ के बाद बलपूर्वक खोखा दुकानदारों को हटा दिया था।
उजड़े हुए दुकानदार विस्थापन के लिए सरकार व नगर निगम के चक्कर काटते रहे। कई स्थानों के विकल्प देने पर भी बात नहीं बनने पर उन्हें सुप्रीमकोर्ट की शरण में जाना पड़ा। कोर्ट ने नवंबर 2015 में सरकार व नगर निगम को तीन महीने के अंदर विकल्प उपलब्ध कराने का आदेश दिया था, परंतु अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है।
हाईकोर्ट के आदेश को भी दिखाया ठेंगा
हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर नवंबर 2017 में राज्य सरकार और नगर निगम को प्रभावितों को 6 हफ्ते में विकल्प उपलब्ध कराने का आदेश दिया था, परंतु उस पर अमल नहीं हुआ। नगर निगम ने बोर्ड ने नाले पर अतिक्रमण करा कर सुप्रीमकोर्ट की सूची वालों के साथ ही 200 अन्य लोगों का प्रभावित दिखाते हुए खोखा मार्केट बनाने का निर्णय लिया था। विकल्प देने के बजाए नाले पर ही अतिक्रमण कराने के प्रस्ताव के खिलाफ नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने जनहित याचिका दाखिल की थी। जिसमें भाजपा नेता सुभाष चंद आदि पक्षकार बने थे, किंतु हाईकोर्ट ने नाले पर अतिक्रमण कराने की इजाजत नहीं दी।
हमने स्थायी विकल्प के लिए अतिक्रमण से प्रभावित व सुप्रीमकोर्ट की सूची वाले खोखा दुकानदारों को उनकी सहमति से अस्थायी रूप से नाले पर भी खोखे लगवाने का प्रस्ताव बोर्ड में पारित करा दिया था। तब कांग्रेस विरोध में खड़ी हो गई। उनके नेता के हाईकोर्ट जाने से मामला लटक गया। कांग्रेस को ही इसका जवाब देना पड़ेगा। नगर निगम सबको उचित स्थान पर विस्थापित करने का प्रयास जारी रखेगा। -मनोज गर्ग महापौर