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राज्य में गिर रहा है शिक्षा का स्तर

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राज्य में गिर रहा है शिक्षा का स्तर
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के गिरते स्तर पर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी की 2017 के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में राज्य की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए 10 सुझाव भी दिए हैं।
बाल आयोग अध्यक्ष योगेंद्र खंडूड़ी ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में आई कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एनसीईआरटी की 2017 के नेशनल अचीवमेंट सर्वे का हवाला दिया है, जिसमें राज्य के 13 जिलों में कक्षा तीन से आठ तक के छात्रों का सर्वे कराया गया। इस दौरान कक्षा आठ के छात्रों का गणित टेस्ट लिया गया, जिनमें 50 प्रतिशत से कम बच्चे पास हो सके। इनमें सबसे कम 33 प्रतिशत बच्चे उत्तरकाशी और सर्वाधिक 49 प्रतिशत बच्चे टिहरी गढ़वाल में पास हुए। नैनीताल में 33, देहरादून में 40 और हरिद्वार में 44 प्रतिशत बच्चे टेस्ट में पास हुए। विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में भी रिजल्ट बेहतर नहीं रहा। भाषा ज्ञान के टेस्ट में सभी जिलों का परिणाम संतोषजनक रहा। उन्होंने शिक्षा को लेकर शासन स्तर पर की गई कार्रवाई और आगे की योजनाओं को लेकर रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए 10 सूत्री सुझाव भी दिए हैं।
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बाल आयोग की ओर से दिए गए सुझाव
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू किया जाए।
- स्कूलों में अध्यापकों की कमी न हो।
- प्राइमरी स्कूल में आरटीई के आधार पर कक्षा एक से पांच तक के 60 बच्चों पर दो, 61 से 90 बच्चों पर तीन, 91 से 120 बच्चों पर चार और 121 से 200 बच्चों पर पांच शिक्षक होने जरूरी हैं।
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- कैपिटेसन फीस पूर्णरूप से वर्जित हो।
- अध्यापकों के प्राइवेट ट्यूशन पर प्रतिबंध हो।
- व्यवसायिक रूप से प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षकों की नियुक्ति लिखित प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिये की जाए।
- प्रत्येक स्कूल में अभिभावक-शिक्षक संघ बने और उसकी नियमित बैठक हो।
- शिक्षकों के कुल पद के सापेक्ष 10 प्रतिशत से अधिक पद खाली नहीं होने चाहिए।
- शिक्षा पर उचित बजट खर्च किया जाए।
- बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए सरकार को प्राथमिकता के आधार पर मानसिक समस्याओं का मूल्यांकन कर मनोवैज्ञानिक सलाहकार उपलब्ध कराना चाहिए।
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