ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
चार करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा में गुणात्मक सुधार किया जाएगा। टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (टीईक्यूआईपी) के तहत उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय को मार्च-2018 तक तकनीकी शिक्षा के सुधार के लिए ये चार करोड़ रुपये खर्च करने हैं। इसके तहत एक ओर जहां टीईक्यूआईपी सेंटर बनाया जा रहा है तो वहीं तकनीकी उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा छात्रों और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
तकनीकी विवि के कुलपति डॉ.उदय सिंह रावत ने बताया कि टीईक्यूआईपी के तहत विवि कई अहम काम करने जा रहा है। टीईक्यूआईपी सेंटर खोला जा रहा है, जिसमें तकनीकी उपकरण मौजूद रहेंगे। प्रदेशभर के तकनीकी शिक्षा ले रहे छात्र इन उपकरणों का इस्तेमाल अपने प्रैक्टिकल कार्यों के लिए कर सकेंगे। इसके अलावा छात्रों को तकनीक की दिशा में शोध कार्य करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। तकनीकी को आम आदमी की जरूरत के हिसाब से विकसित करने पर बल दिया जाएगा। तकनीकी विवि के शिक्षक देश के दूसरे तकनीकी शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल करेंगे। पहली बार तकनीकी शिक्षकों का दूसरे विश्वविद्यालयों से आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे तकनीकी शिक्षा में गुणात्मक सुधार आएगा।
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उद्योगपति बनवाएंगे सिलेबस
टीईक्यूआईपी के तहत तकनीकी विश्वविद्यालय का सिलेबस भी बदला जा रहा है। इसके लिए समिति का गठन कर दिया गया है, प्रदेश के उद्योगपतियों को भी शामिल किया जाएगा। वे उद्योगों की जरूरत के हिसाब से सिलेबस बनवाने में मदद करेंगे।
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पीएचडी के लिए रेगुलेशन
तकनीकी विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए अब विश्वविद्यालय रेगुलेशन बना रहा है। इसके लिए रिफॉर्म कमेटी का गठन किया गया है। विवि के कुलपति डॉ.यूएस रावत के मुताबिक, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के हिसाब से विवि में रेगुलेशन बनेगा। इसके बाद विवि में पीएचडी को लेकर चली आ रही कई परंपराएं खत्म हो जाएंगी।