हरिद्वार। केंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्रालय की ओर से हरिद्वार को देश के 115 सबसे पिछड़े जिलों में शामिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले के पिछड़ेपन को दूर करने की पहल की है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम ने न सिर्फ हरिद्वार के अधिकारियों ने रूबरू होकर पिछड़ेपन का कार्ययोजना को जाना बल्कि विकास के प्लान का एजेंडा भी पूछा।
डीएम दीपक रावत की गैर मौजूदगी में सीडीओ स्वाति भदौरिया ने जिला प्रशासन की ओर से तैयार किए एजेंडे को पीएम के समक्ष प्रस्तुत किया। सीडीओ स्वाति भदौरिया ने बताया कि देशभर के 115 जिलों में से हरिद्वार सहित छह जिलों के अधिकारियों को पीएम के समक्ष विकास का मसौदा रखने की अनुमति दी गई। बकौल सीडीओ पीएम मोदी ने हरिद्वार जिले में शिक्षा के उन्नयन को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी। जिसमें पीएम को बताया कि जिले में 100 सबसे पिछड़े गांवों को चिन्ह्ति किया गया है। जहां शिक्षा के उन्नयन के लिए तमाम कदम उठाए गए हैं। इन गांव में स्कूलों की स्थापना के साथ ही डिजिटल क्लास रूम स्थापित करने की योजना बनाई गई है। ड्राप आउट बच्चों को दोबारा स्कूल में लाया जा सके। इसके लिए विशेष साफ्टवेयर तैयार किया गया है। सात ही मनरेगा योजना से जुड़े मजदूरों को शिक्षित करने के लिए भी योजना बनाई गई है। सीडीओ मुताबिक पीएम मोदी ने हरिद्वार जिले की ओर से बनाई गई योजनाओं की सराहना करने के साथ ही इसे अन्य जिलों में लागू करने की बात कही है। सीडीओ के मुताबिक हरिद्वार जिले केा परजेंटेशन के लिए चयनित किया जाना जिले के लिए गर्व की बात है।