ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
अपीलकर्ता को देरी से सूचना देना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी (सीएमएस) डॉ. केके शर्मा को भारी पड़ा। राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने सीएमएस पर 21250 रुपये का जुर्माना लगाते हुए एक माह के भीतर राजकोष में जमा कराने के आदेश पारित किए हैं। ऐसा न करने पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रभारी चिकित्साधिकारी के व्यक्तिगत देयकों से उक्त राशि की कटौती कर राजकोष में जमा कराने को निर्देशित किया है।
विकासनगर निवासी आशीष कुमार पिपानिया पुत्र डॉ. बी. प्रकाश ने बीते साल जुलाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित कुछ सूचनाएं मांगी थीं। सूचना उपलब्ध न होने पर 18 अगस्त 2017 को उन्होंने राज्य सूचना आयोग की शरण ली थी। आयोग के दखल के बाद आवेदनकर्ता को सूचनाएं 85 दिन देरी से उपलब्ध हुईं। जिस पर आयोग ने लोक सूचना अधिकारी/प्रभारी चिकित्साधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया। स्पष्टीकरण में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने संबंधित सूचनाएं कार्यालय से संबंधित न होने की बात कहीं जबकि उक्त सूचनाएं केंद्र से संबंधित थीं। ऐसे में आयोग ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का जवाब संतोषजनक नहीं माना। इस पर राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने 21250 रुपये का जुर्माने के आदेश दिए हैं।