गोपेश्वर। पोखरी ब्लाक के सतूड़ गांव के कार्तिक स्वामी मंदिर में धर्मशाला निर्माण के लिए मिली धनराशि से कार्यदायी संस्था ने रामलीला मंच का निर्माण कर दिया। निर्माण कार्य भी गांव से तीन किमी दूर आली गांव में किया गया है। अब सतूड़ गांव के ग्रामीणों को इसका पता चला तो उन्होंने डीएम से निर्माण कार्यों के जांच की मांग उठाई।
वर्ष 2015-16 में जिला योजना से पर्यटन विभाग की ओर से कार्तिक स्वामी मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई। इसके लिए एससीपी (स्पेशल कंपोनेंट प्लान) से पांच लाख की धनराशि स्वीकृत हुई। प्रशासन ने सिंचाई विभाग को कार्यदायी संस्था बनाया। धर्मशाला का निर्माण मंदिर परिसर में होना था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने मंदिर से तीन किमी दूर आली गांव के रामलीला मैदान में रामलीला मंच का निर्माण कर दिया। जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब ग्रामीणों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन जैसे ही मंच के सामने योजना का नाम कार्तिक स्वामी तोक में धर्मशाला निर्माण कार्य लिखा गया तो ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला पर्यटन विभाग और जिलाधिकारी से कर निर्माण कार्य के जांच की मांग उठाई। सतूड़ गांव निवासी राजेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे में धार्मिक स्थलों का विकास कैसे होगा।
कोट
कार्तिक स्वामी मंदिर के लिए धर्मशाला का निर्माण हुआ है। इसका निर्माण किस जगह पर हुआ है, उसे दिखवाया जाएगा। यदि गलत जगह पर धर्मशाला का निर्माण हुआ है तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। - एसएस यादव, जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली।
वर्ष 2015-16 में धर्मशाला का निर्माण हुआ है। यह सही है कि निर्माण कार्य निर्धारित स्थल से अन्यत्र किया गया है। इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई, इसकी जांच की जा रही है। - जेपी थपलियाल, ईई, सिंचाई विभाग, चमोली।