रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच हाईवे पर मुनकटिया में पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर आने से केदारनाथ की पैदल यात्रा छह घंटे बाधित रही। मलबा साफ करने के बाद पूर्वाह्न 11 बजे प्रशासन ने सोनप्रयाग पैदल मार्ग से 338 यात्रियों को केदारनाथ धाम के लिए छोड़ा।
केदारघाटी में शनिवार देर रात हुई तेज बारिश से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र मुनकटिया में भारी मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया था। रविवार को हाईवे अवरुद्ध होने से प्रशासन की ओर से पैदल मार्ग से धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया। एनएच के मजदूरों ने जेसीबी की मदद से 11 बजे हाईवे से मलबा हटाया, जिसके बाद पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। पिछले दस दिनों से प्रभावित स्थान पर आए दिन मलबा गिर रहा है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी मुकेश गोस्वामी, डीपी गोस्वामी, गौरीकुंड के प्रधान राकेश गोस्वामी आदि का कहना है कि केदारनाथ आपदा में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक राजमार्ग का पांच किमी क्षेत्र बुरी तरह से बदहाल हो गया था। मुनकटिया में भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया था, जो पिछले चार वर्ष से खतरनाक बना हुआ है। शासन-प्रशासन की ओर से इसके स्थायी ट्रीटमेंट के प्रयास नहीं किए गए हैं। इधर, सोनप्रयाग के सेक्टर मजिस्ट्रेट मोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि शनिवार रात्रि को हुई तेज बारिश के चलते हाईवे बाधित हो गया था। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से प्रभावित स्थान पर मशीन उपलब्ध करा दी गई है।