गोपेश्वर। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान मंडल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान के मूल स्वरूप को विकसित करने और हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाली जड़ी-बूटियों के संरक्षण के निर्देश दिए।
सोमवार को जिलाधिकारी सुबह ग्यारह बजे शोध संस्थान पहुंचे। उन्होंने यहां हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण किया। संस्थान में प्रशिक्षण के उपकरणों का लंबे समय से उपयोग न करने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने वैज्ञानिकों को काश्तकारों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। डीएम ने भेषज एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को परंपरागत खेती के साथ ही काश्तकारों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि काश्तकार अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकें। गांवों में यदि कोई काश्तकार जड़ी-बूटी की खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहता है तो उसे प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि व्यवसायीकरण के लिए उत्पादकता तथा उसकी गुणवत्ता को बढ़ाने की जरूरत है, इसके लिए वैज्ञानिक काश्तकारों को प्रशिक्षण देकर जानकारी उपलब्ध कराएं। इस दौरान डीएम ने बैरांगना में मत्स्य पालन के तालाबों का निरीक्षण भी किया।