श्रीनगर। प्रो. जेएल कौल को कुलपति पद से हटाए जाने के बाद प्रति कुलपति प्रो. डीएस नेगी के कुलपति पद की जिम्मेदारी संभाल लेने के बाद एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि में मामला और गरमा गया है। शिक्षकों के एक गुट ने रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर विवि के सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर को कुलपति का चार्ज देने का अनुरोध किया है। वहीं, कर्मचारियों के एक गुट ने कुलसचिव को पत्र भेजकर प्रो. नेगी की कुलपति पद पर नियुक्ति को असंवैधानिक बताया है।
शनिवार को प्रति कुलपति प्रो. नेगी ने कुलपति का कार्यभार ग्रहण करते हुए इसकी सूचना विवि की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दी। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों का एक गुट आक्रोशित है। एक पक्ष के शिक्षकों ने कुलसचिव को पत्र भेजकर कहा है कि प्रो. नेगी की प्रति कुलपति पद नियमित नियुक्ति नहीं है। प्रो. कौल के कुलपति पद से हटने के बाद प्रो. नेगी भी प्रति कुलपति नहीं रह गए हैं।
वहीं विवि शिक्षणेतर कर्मचारी परिषद के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी, महासचिव मनोज रतूड़ी, संतोष ममगाईं, आरएस कैंतुरा और सतीश थपलियाल का कहना है कि अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले में प्रो. कौल को कुलपति पद से हटाया गया है। प्रो. नेगी पूर्व में विशेष कार्याधिकारी और बाद में प्रति कुलपति पद पर रहते हुए इसमें बराबर के भागीदार हैं। इस प्रकरण में सीबीआई जांच भी चल रही है। कुलपति पद पर प्रो. नेगी का एकतरफा चार्ज लेना गलत है।
मैंने विवि के एक्ट के अनुसार कार्यभार ग्रहण किया है। कार्य परिषद की बैठक में कुलसचिव सहित अन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। प्रो. डीएस नेगी, कुलपति केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर
सन्दीप