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पल्या गौं की पारुली...पर झूमे दर्शक

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गोपेश्वर। चार दिवसीय द्यौखारी महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में तुमरी समोण कला मंच के साथ ही विभिन्न रंगकर्मियों की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में मुख्य अतिथि दशोली की ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण ने कहा कि रौली क्षेत्र में होने वाला यह महोत्सव आगामी वर्ष भव्य रूप से मनाया जाएगा।
रविवार को तुमरी समोण कला मंच के लोक गायक धनपति शाह ने मां नंदा के जागर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। उन्होंने पैर-पैर गौरा नंदा, चूड़ी सूने की..., पल्या गौं की पारुली..., हेंसी-खेली, कौथिग देखी ओला.., जंगल बचोण, कसम खेल्या... गीत की शानदार प्रस्तुति दी। मां नंदा को मायके बुलाने के बाद विदाई के गीत पर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। गायिका अनुराधा झिंक्वाण ने हुराण्यूं को दिन, तुरेणी नीभीगे और गायिका सुनीता ने हाय ककड़ी झीले मां, लूण पिस्यूं शिले मां.. गीत की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पूर्व अमृतेशवर कला मंच के कलाकारों ने भी गढ़वाली, हिंदी और जौनसारी गीतों की प्रस्तुतियां दीं। गणेश वंदना के बाद कलाकारों ने तेरी तिरछी निगाहें, मेरे दिल पे गिराए रे बिजुरिया..., ल्यो मासी को फूल..., मांजी कनक्वे थें रोलू, ये डांडा... गीत की प्रस्तुति दी। वहीं, जीआईसी माणा-घिंघराण की एनएसएस की छात्राओं ने कार्यक्रम प्रभारी डीसी अंथवाल के निर्देशन में उठे हम देश के लिए उठें...., विज्ञान को प्रसार दें प्रचार दें..., तरक्की कर इक नई इबादत लिखूं... कविता का व्याख्यान किया। कार्यक्रम का संचालन विनोद कप्रवाण, बदरी सिंह रावत, आनंद सिंह पंवार ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल, महोत्सव के अध्यक्ष धीरेंद्र बिष्ट, संस्थापक व संयोजक हरेंद्र सिंह राणा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट, भगत सिंह बिष्ट, महेशी देवी, कुंवर सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह कठैत, सीमा असवाल, अंजना असवाल, हर्षवर्द्धन मैठाणी, चंद्रकला खंडूड़ी, रंजू पुंडीर, डा. नीलम पुंडीर आदि मौजूद थे।
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और दर्शकों को रुला गई लबली
द्यौखारी महोत्सव में जीआईसी माणा-घिंघराण की एनएसएस की छात्रा लबली ने बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ पर भाषण दिया। बेटी के जन्म से लेकर ससुराल विदाई तक लबली का भाषण इतना जीवंत था कि सभी दर्शकों की आंखें नम हो गईं। छात्रा ने भ्रूण हत्या पर प्रभावी रोक लगाने, बेटियों को बेटे का दर्जा देने और बेटी संरक्षण पर जन जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।
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