हरिद्वार। स्ट्रीट लाइट के लिए एलईडी उपलब्ध कराने और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी देख रही नाईस कंपनी व उसके डिस्ट्रीब्यूटर को नगर निगम प्रशासन ने काली सूची में डाल है। इतना ही नहीं कंपनी की 10 लाख 50 हजार रुपये की धरोहर धनराशि जब्त कर ली है और उसके अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
शहरी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट के लिए एलईडी की आपूर्ति करने और उसके रखरखाव के लिए नगर निगम ने नाईस कंपनी को पांच साल तक के लिए 60 लाख में ठेका दिया था। कंपनी की ओर से नगर निगम को जो एलईडी लाइट आपूर्ति की गई वह बहुत की घटिया निकली। एलईडी लगाते ही वह खराब होने लगी। एलईडी के खराब होने पर शिकायत के बाद भी कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर ने ठीक नहीं किया। जबकि अनुबंध के अनुसार पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी उसकी थी। पांच साल के अनुबंध को डिस्ट्रीब्यूटर ने एक साल में ही तोड़ दिया। इसके बाद नगर निगम को कंपनी के खिलाफ बड़ा कदम उठाना पड़ा। नगर निगम ने कंपनी को काली सूची में डाल दिया है। सूत्रों के अनुसार कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कंपनी के खिलाफ नगर निगम आपराधिक मुकदमा दर्ज करवा सकता है। एलईडी लाइटों के खराब होने की पार्षदों से लेकर आम लोगों की ओर से बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर नगर निगम ने अनुबंध की शर्तों के मुताबिक खराब हो रही लाइटों को ठीक करने का कई बार कंपनी और उसके डिस्ट्रीब्यूटर को नोटिस दिए, लेकिन अपने राजनीतिक रसूख और सत्ताधारियों के संरक्षण के चलते उन्होंने नगर निगम के नोटिसों की परवाह नहीं की।
नगर आयुुक्त राजनीतिक दबाव में नहीं आए तो जल्दी ही मुकदमा भी दर्ज हो जाएगा। नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने इसकी चेतावनी भी कंपनी और उसके डिस्ट्रीब्यूटर को पहले ही दे दी थी।
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रुद्रपुर में पहले से ब्लैक लिस्ट थी कंपनी
नगर पालिका रुद्रपुर में नाईस कंपनी पहले से ब्लैकलिस्ट थी, लेकिन अच्छा कमीशन का ऑफर मिलने पर नगर निगम के तत्कालीन अधिकारियों ने सबकुछ अनदेखा कर उसको एलईडी लाइट का ठेका देने की प्रक्रिया में शामिल किया। एक बार ठेका लेने के बाद नाईस कंपनी को 13 वें व 14 वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान राशि का बार-बार एलईडी लाइट की आपूर्ति का आर्डर दिया जाता रहा है। बोर्ड बैठक में सत्ताधारी दल के पार्षद कन्हैया खेवडिया की ओर से नाइस के ब्लैकलिस्ट के अभिलेख दिखाने के बाद भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अनसुना कर दिया। नाइस और उसके डिस्ट्रीब्यूटर ने ऐसा जादू चलाया कि उसके खिलाफ कोई शिकायत किसी भी स्तर पर सुनी नहीं गई।
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खराब एलईडी लाइटों का अंबार लगा है
नगर निगम के पथ-प्रकाश स्टोर में नाईस कंपनी की ओर से आपूर्ति और लगने के साथ ही खराब हुई एलईडी लाइटों का ढेर लगा है। शहर में 300 से अधिक एलईडी लाइटें चार महीने से बंद पड़ी हैं। नगर निगम के चुनाव सिर होने के कारण राजनीति चमकाने के लिए लाइटों की मांग बढ़ गई है। पुरानी ठीक नहीं होने और नई लाइटों के लिए बजट नहीं होने के कारण नगर निगम ने यह कार्रवाई की है।