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शिविर में नहीं पहुंचे अधिकारी, बिना परीक्षण कराए वापस लौटे दिव्यांग

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गैरसैंण। समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित दिव्यांग परीक्षण शिविर में अधिकारियों और डॉक्टरों के न पहुंचने पर लोगों ने आक्रोश जताया। ऐसे में शिविर में पहुंचे 32 दिव्यांगों को बिना परीक्षण के ही लौटना पड़ा। मामले में कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने नाराजगी जताई और गढ़वाल कमिश्नर और मुख्य सचिव से फोन पर वार्ता कर अधिकारियों का तबादला और निलंबन करने की मांग की। उन्होंने भी मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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शनिवार को समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में यहां दिव्यांग तो पहुंचे, लेकिन समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं आए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद 32 दिव्यांगों ने विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी के सामने आक्रोश जताया और आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस पर विधायक नेगी ने गढ़वाल कमिश्नर और मुख्य सचिव को फोन पर वार्ता कर चमोली में अधिकारियों के नकारात्मक रवैये की शिकायत की। विधायक ने कहा कि अधिकारियों में तालमेल न होने से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहा कि 18 दिसंबर को कर्णप्रयाग में और थराली के लोल्टी में भी शिविर लगाया गया था लेकिन डॉक्टर और अधिकारी यहां नहीं पहुंचे थे। विधायक नेगी ने जिले के मुख्य विकास अधिकारी का तबादला और जिला समाज कल्याण अधिकारी के निलंबन की मांग गढ़वाल कमिश्नर और मुख्य सचिव से की। विधायक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में गढ़वाल कमिश्नर और मुख्य सचिव ने डॉक्टर और अधिकारियों से जवाब-तलब की बात कही है। इसके बाद 32 दिव्यांगों को बिना स्वास्थ्य परीक्षण के लौटना पड़ा। इस मौके पर प्रधान भवान सिंह, प्रभा देवी, तारा दत्त, रेखा, ममता, त्रिलोक सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार आदि मौजूद थे।
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