कर्णप्रयाग। ब्लाक के किमोली गांव में आयोजित दस दिवसीय पांडव नृत्य का शुक्रवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। पांडवों ने ध्याणियों और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। लोगों ने हवन कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। पांडवों की विदाई के बाद अब ग्रामीण ध्याणियों की विदाई में जुट गए हैं।
क्षेत्र के किमोली गांव में इस बार 23 साल बाद 20 दिसंबर से पांडव नृत्य का आयोजन हुआ, जिसके लिए गांव की सभी ध्याणियां भी मायके के ईष्ट देवताओं की पूजा करने पहुंची थीं। किमोली के प्रधान खिलदेव सिंह रावत और युवक राकेश सिंह नेगी ने बताया कि शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना कर पांडवों को विदाई दी। अब ग्रामीण ध्याणियों को विदाई करने की तैयारियों में जुट गए हैं। इसके लिए अरसे और रोट तैयार करने में महिलाएं जुटी हुई हैं। इस दौरान बणसोली, फलोटा, कनखुल मल्ला और तल्ला, ग्वाड़, धारडुंग्री, कोलाडुंग्री, जस्यारा और कंडारा आदि गांवों के लोग और श्रद्धालु मौजूद थे।