फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला प्रशासन ने मातृसदन पर कसा शिकंजा

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। जिला प्रशासन और मातृसदन के बीच जंग और तेज हो गई है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने मातृसदन द्वारा जमीन खरीदने में स्टांप शुल्क की चोरी प्रकरण की नए सिरे से जांच कराने का आदेश दिया है। इतना ही नही जिलाधिकारी दीपक रावत का कहना है कि मातृसदन ने कानून के विपरीत गांव की सरकारी जमीन को कब्जा किया है इसकी भी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन

जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि उनके संज्ञान में लाया गया है कि मातृसदन ने अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को भी कब्जा करके निर्माण कराए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि एक स्टोन क्रशर संचालक से मातृृसदन के स्वामी दयानंद ने 20 लाख रुपये की मांग की, इसकी भी जांच करायी जा रही है। जिलाधिकारी के मुताबिक तमाम आरोपों की जांच की जा रही है। रजिस्ट्रार कार्यालय से यह रिपोर्ट तलब की गई है कि मातृसदन ने संस्था के निर्माण के समय कितनी जमीन ली और कितना स्टांप शुल्क जमा कराया। जांच में यदि स्टांप शुल्क की चोरी, पंचायत की जमीन या फिर अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन पर कब्जा करने की बात सामने आएगी तो मातृसदन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नही है जब मातृसदन के खिलाफ स्टांप शुल्क चोरी प्रकरण की जांच शुरू की गई है। इससे पहले भी प्रकरण की जांच की जा चुकी है।
दूसरी ओर मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का कहना है कि वे स्टांप शुल्क चोरी समेत तमाम प्रकरणों की जांच कराने को तैयार हैं। यदि कुछ गलत पाया जाय तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें