कर्णप्रयाग/आदिबदरी। कर्णप्रयाग के किमोली और आदिबदरी के स्यालकोट गांव में आयोजित पांडव नृत्य देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। किमोली गांव में 23 वर्षों के बाद पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है तो स्यालकोट गांव में गैंडा वध के साथ पांडव नृत्य का समापन हो गया।
बुधवार को किमोली गांव में पांडव नृत्य के सातवें दिन पांडवों के पश्वाओं ने नौली में उत्तर वाहिनी पिंडर नदी के तट पर स्नान किया। पंडित त्रिलोक प्रसाद थपलियाल और आयोजकों ने पांडवों की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ स्नान और पिंडदान की प्रक्रियाएं संपादित की। इस दौरान हुए युद्ध में अर्जुन ने नागार्जुन को परास्त किया। इसके बाद पांडवों के पश्वाओं ने नौली गांव के पौराणिक गोर्जा माई के मंदिर में दर्शन कर देवी को शृंगार सामग्री भेंट की। देवी-देवताओं के पश्वाओं ने श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान किमोली खिलदेव सिंह रावत, थापली के सुमन प्रसाद डिमरी, राकेश नेगी, भवान सिंह नेगी, संग्राम सिंह पुंडीर, महिला मंगल दल अध्यक्ष राधा देवी आदि मौजूद थे। वहीं आदिबदरी के स्यालकोट गांव में गैंडा वध के साथ सात दिवसीय पांडव नृत्य का समापन हो गया पांडव चौक में पांडवों के पश्वाओं ने अवतरित होकर भक्तों को आशीष दिया। इस मौके पर विधायक एसएस नेगी, मनोज खंडूड़ी, मनवीर बिष्ट, दयाल सिंह रावत, पुष्कर बिष्ट सहित भलसों, नगली, हरगांव, पज्याणा, जुलगढ़ और हरगांव आदि गांवों के श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।