गैरसैंण। ब्लाक के मठकोट ग्राम पंचायत में मां नंदा देवी की पूजा के लिए अष्टबलि के दौरान लाया गया भैंसा ग्रामीणों को प्रशासन को सौंपना पड़ा। बलि की सूचना पर एसडीएम के निर्देश पर टीम गांव पहुंची और भैंसा कब्जे में ले लिया। बाद में अन्य ग्रामीण ने भैंसे को पशुपालन के लिए मांगा जिसे प्रशासन ने उसे सौंप दिया।
ब्लाक के मठकोट में मंगलवार को मां नंदा देवी की पूजा के दौरान बलि के लिए भैंसा लाया गया था। इसके लिए सुबह से ही तैयारी में जुटे हुए थे। दोपहर को देवी के परिसर में बलि के लिए चक्र बनाया गया, लेकिन इसी दौरान प्रशासन को बलि की भनक लग गई। इसके बाद एसडीएम स्मृता परमार के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक शांति प्रसाद डिमरी, अनुसेवक इरफान अहमद, सूरज प्रकाश आदि गांव पहुंचे। राजस्व उपनिरीक्षण डिमरी ने ग्रामीणों से वार्ता की और पशु बलि कानून के बारे में बताया। उन्होंने पशु बलि बंद करने के कोर्ट के आदेश की जानकारी भी ग्रामीणों को दी। तब ग्रामीणों ने पूजा के बाद भैंसे को प्रशासन के हवाले करने को कहा। देर शाम पूजा के बाद ग्रामीणों ने भैंसे को प्रशासन के हवाले कर दिया। इसके रामणा मल्ला के पूर्व प्रधान त्रिलोक सिंह ने प्रशासन से भैंसा पालने के लिए मांगा। प्रशासन ने त्रिलोक सिंह से पशु बलि न करने और हत्या न करने का हलफनामा लेकर भैंसे को उन्हें सौंप दिया। ग्रामीण दरवान सिंह, श्याम सिंह, नारायण सिंह, गजे सिंह आदि ने कहा कि प्रशासन की ओर से जागरूक करने के बाद ग्रामीणों ने बलि नहीं करने का निर्णय लिया। केवल चक्र में देवी के सामने भैंसे की पूजा की गई।