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मातृसदन के स्वामी आत्मबोधानंद गिरफ्तार, जेल भेजे गए

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की 156वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन करने और पर्चे फेंकने के आरोप में मातृसदन के स्वामी आत्मबोधानंद को पुलिस ने सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली में उनके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उन्हें जेल भेज दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को मातृसदन ने गैरकानूनी बताया है, वहंी डीएम दीपक रावत का कहना है कि स्वामी आत्मबोधानंद के खिलाफ कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।
महामना सेवा संस्थान की ओर से भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय की 156वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक रावत को मालवीय सम्मान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया जब मातृसदन के स्वामी आत्मबोधानंद ने वहां पहुंचकर डीएम को सम्मानित करने को अनुचित बताया। स्वामी आत्मबोधानंद ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ पर्चे भी फेंके। उनके इस कदम से अफरातफरी मच गई। कार्यक्रम मेें खलल पड़ता देख पुलिस स्वामी आत्मबोधानंद को हिरासत में लेने के साथ ही कोतवाली ले आई। जहां उनका शांतिभंग की धाराओं में चालान कर मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत किया। जमानती नहीं मिलने से मजिस्ट्रेट ने स्वामी आत्मबोधानंद को जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।
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दूसरी ओर इस प्रकरण के बाद मातृसदन से प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मातृसदन के स्वामी दयानंद ने कहा है कि स्वामी आत्मबोधानंद सैद्धांतिक तरीके से विरोध करने गए थे। उन्होंने जिलाधिकारी को दिए गए पुरस्कार का विरोध किया था। प्रशासन गुंडागर्दी का उतर आया है। प्रशासन की कार्रवाई की कार्रवाई को जायज नही ठहराया जा सकता है।
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स्वामी आत्मबोधानंद के खिलाफ कानूनों के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है। किसी भी व्यक्ति को कानून को हाथ लेने मेें इजाजत नहीं दी जा सकती है। मातृसदन के सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार है।
- दीपक रावत, जिलाधिकारी
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