देवाल। देवाल ब्लाक की पलबरा रैन ग्राम पंचायत के प्रधान चुनाव परिणाम को लेकर दायर याचिका पर उप जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने साढ़े तीन साल बाद अपना फैसला सुनाया है। फैसले में कोर्ट ने प्रधान पद की छह जनवरी को पुनर्मतगणना कराने के आदेश दिए हैं।
ग्राम प्रधान पद के एक पराजित प्रत्याशी तुलसीराम के अधिवक्ता डीडी कुनियाल और ललित मोहन मिश्रा ने ग्राम प्रधान की मतगणना को उप जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि मतगणना में एक प्रत्याशी रामचंद्र को शून्य मत दिखाया गया है जबकि उसे 18 मत मिले थे। इन 18 मतों को दूसरे के मतों में जोड़ दिया गया। उन्होंने मतगणना परिणाम पर सवाल उठाते हुए पुनर्मतगणना की मांग की।
उप जिला मजिस्ट्रेट चंदन सिंह डोबाल ने मामले में सुनवाई करते हुए पलबरा रैन ग्राम प्रधान पद चुनाव की पुनर्मतगणना के आदेश दिए हैं। पुनर्मतगणना 6 जनवरी को उप जिला मजिस्ट्रेट थराली के न्यायालय में दोपहर 12 बजे से होगी। कोर्ट ने बीडीओ देवाल को मतपत्र पेटी को समुचित पुलिस सुरक्षा में न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
क्या था मामला
पलबरा रैन ग्राम प्रधान निर्वाचन का मामला साढ़े तीन साल से कोर्ट में चल रहा था। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत देवाल ब्लाक में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य का चुनाव 18 जून 2014 को संपन्न होने के बाद मतगणना 27 जून को हुई। कुल 345 मतदाताओं ने मतदान किया, जिसमें 320 मत वैध व 25 मत रद्द हुए। ग्राम पंचायत से ग्राम प्रधान पद के लिए कुंवर राम, अर्जुन सिंह, महाबीर सिंह,, रामचंद्र, शीतल सिंह और तुलसीराम मैदान में थे। इनमें कुंवर राम को 92, शीतल सिंह को 72, अर्जुन को 56, महाबीर को 24, तुलसीराम को 76 तथा रामचंद्र को शून्य मत पड़े। रामचंद्र को शून्य मत पड़ने पर तुलसीराम ने पुनर्मतगणना को लेकर 9 जुलाई 2014 को न्यायालय में चुनौती दी।