फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होती सड़क तो बच सकती थी जान!

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
देवाल। सड़क के अभाव में शनिवार को एक और जान चली गई। वक्त पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की वजह से डंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाई गई धरातल्ला की महिला ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव के लिए सड़क होती तो समय पर महिला को उपचार के लिए बागेश्वर पहुंचाया जा सकता था और उसकी जान बच जाती।
धरातल्ला गांव के प्रधान नरेश कुमार, सरपंच प्रेम सिंह का कहना है कि हाट कल्याणी से उनके गांव धरातल्ला तक तीन किमी सड़क 2011 में मंजूर हुई थी, लेकिन पूर्णा गांव के ग्रामीणों के विरोध के चलते आज तक इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके गांव के लिए मंजूर इस सड़क का जल्द निर्माण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन

धरातल्ला गांव की भागीरथी मिश्रा (68) की शुक्रवार सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण डंडी में महिला को ले गए और चार किमी पैदल दूरी तय कर सीएचसी थराली अस्पताल पहुंचाया। यहां महिला की तबीयत गंभीर होता देख डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर कर दिया। महिला को जैस-तैसे अस्पताल पहुंचा गया, लेकिन कुछ ही देर में भागीरथी ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

उसके पति जगन्नाथ मिश्रा ने कहा कि गांव में सड़क होती तो समय से उसे अस्पताल पहुंचा देते। पैदल और चट्टानी मार्ग होने के चलते वे लोग भागीरथी को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें