हरिद्वार। न्यूनतम मजदूरी और लंबित भुगतान की मांग को लेकर रोडवेज कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना जाता है तो बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर प्रदेश भर के रोडवेज कर्मियों ने धरना देने का एलान किया था। इसी क्रम में शुक्रवार को हरिद्वार डिपो में तैनात कर्मचारियों ने कर्मचारी नेता जगपाल सैनी की अध्यक्षता में लंबित मांगो के समर्थन में धरना दिया। इस मौके पर मुख्य शाखा मंत्री प्रवीन सैनी ने कहा कि परिवहन निगम में कार्यरत विशेष श्रेणी चालक-परिचालकों की न्यूनतम मजदूरी प्रतिमाह 18 हजार की जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम की बसों में शासन ने कई श्रेणी के यात्रियों को निशुल्क यात्रा की अनुमति दी है। जिसका 60 करोड़ पिछले कई साल से बकाया है। इसका भुगतान सरकार जल्द परिवहन निगम को करें ताकि विभागीय कर्मचारियों का लंबित भुगतान किया जा सके। परिषद के शाखा अध्यक्ष जल सिंह ने कहा कि शासन स्तर से परिवहन निगम की बसों में 18 प्रकार की श्रेणियों के यात्रियों को निशुल्क यात्रा की अनुमति है। इसका भुगतान परिवहन निगम को किया जाना है। भुगतान नहीं होने से निगम की माली हालात बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि नवंबर माह का वेतन अभी तक नही दिया गया है। धरने में वेदप्रकाश, नरेश बरला, रमेश कुमार, योगेश कुुमार, दीपचंद, सौराज सिंह, देेवेंद्र कुमार, रजनीश कुमार, पवन कुमार, आदेशवीर, रवि कुमार, लोकपाल, भागमल, मांगेराम, विनय कुमार, परविंदर व जसवीर समेत कई कर्मचारी उपस्थित थे।