देवाल। सड़क न होने के कारण धरातल्ला के ग्रामीणों को बीमारों को डंडी-कंडी में ले जाना पड़ रहा है। शुक्रवार को गांव में एक महिला के बीमार होने पर उसे डंडी में चार किमी तक पैदल चलकर ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं गांवों में सड़क न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने सीएम को ज्ञापन भेजा।
वर्ष 2011 में पूर्णा-नंदकेशरी-धरातल्ला मोटर मार्ग स्वीकृत तो हुआ, लेकिन आज तक इसका निर्माण नहीं हो पाया। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए चार किमी पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को गांव की 68 साल की महिला भागीरथी देवी की अचानक तबियत खराब हो गई। सड़क न होने पर महिला को डंडी से अस्पताल ले जाना पड़ा। वह सुबह छह बजे गांव से पैदल चले और दस बजे देवाल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे महिला को वाहन से हायर सेंटर भेजा। ग्रामीण नरेश कुमार, सरपंच प्रेम सिंह, मदन सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह, मोहन सिंह, प्रताप सिंह, दर्शन सिंह और रघुवीर सिंह आदि ने बताया कि वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद भी लोनिवि ने सड़क का काम शुरू नहीं किया। दूसरी ओर लोनिवि के ईई विजय कुमार ने बताया कि जब सड़क स्वीकृत हुई उस समय पूर्णा गांव ने अनापत्ति दी थी। सड़क में पूर्णा ग्राम पंचायत की भूमि कट रही है। अब पूर्णा के ग्राम प्रधान और सरपंच की ओर से इसकी अनापत्ति नहीं दी जा रही है।