हरिद्वार। गंगा सभा ने गंगा में अस्थि प्रवाह पर दिए गए केंद्रीय राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी ने कहा कि गंगा में अस्थि प्रवाह को लेकर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती है। भारत के संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देश के प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है। गंगा में अस्थि विसर्जन की पौराणिक और शास्त्रों में उल्लेखित परंपराओं से चली आ रही है।
बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा केंद्रीय राज्यमंत्री के बयान से सनातन धर्म के करोड़ों हिंदुओं की आस्था विश्वास व परंपरा का अपमान हुआ है। गंगा सभा उनके इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है और देश के प्रधानमंत्री से मांग करती है कि उन्हें पद मुक्त किया जाए वरना देश भर में तीर्थ पुरोहित आंदोलन करने को विवश होंगे। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से हिंदू समाज अपने प्रियजनों की मृत्यु पश्चात अग्नि संस्कार से शेष बचे अस्थि अवशेषों को ब्रह्म के देवस्वरूप मां गंगा के अमृत जल में प्रवाहित कर मृत आत्माओं के मोक्ष की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी गंगा में अस्थि विसर्जन की जानकारी मिलती है। राजा भागीरथ के समय से ही गंगा में अस्थि विसर्जन होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि अनाप-शनाप बोलकर लोगों की भावना को ठेस पहुंचाना गलत है।
गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने कहा कि 400 वर्ष पुरानी पौराणिक बहियों में गंगा में अस्थि विसर्जन करने के साक्ष्य दर्ज है। आदि अनादिकाल से बहियों में अस्थि विसर्जन का क्रम चलता आ रहा है। उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहित समाज अपनी बहियों में उन मृत लोगों के सभी जानकारियां बही में रखता है। उन्होंने कहा कि गंगा अस्थि विसर्जन से प्रदूषित नहीं होती है। इस मौके पर जगदीश अत्री, प्रदीप झा, नितिन कौशिक आदि मौजूद थे।
राज्यमंत्री को बर्खास्त करे केंद्र सरकार
हरिद्वार। श्रीराम नाम विश्व समिति राष्ट्रीय महासचिव सुमित तिवारी ने केंद्रीय राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह को बर्खास्त करने की मांग की।
खड़खड़ी स्थित कार्यालय पर संस्था की बैठक में महासचिव पंडित सुमित तिवारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को पता होना चाहिए कि गंगा का पृथ्वी पर अवतरण आम जनमानस के कल्याण के लिए हुआ है। इसके बाद भी इस तरह की बयानबाजी की जा रही है। राज्य सरकार के मुखिया की उपस्थिति में ऐसा शर्मनाक बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन मंत्री तरुण नैयर व प्रचार मंत्री सुरेंद्र कुमार ठेकेदार ने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री व भाजपा सरकार के मुखिया यह भी बताएं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गंगा में प्रदूषण कितना कम हुआ। इस मौके पर नमन अग्रवाल, महेश शर्मा, कैलाश नैनवाल, नवनीत तिवारी, सुनील कुमार, चीनू, संतोष, आचार्य संदीप, तरूण शर्मा, सुरेंद्र कुमार जोशी, उपदेश बाली, आशीष शर्मा, चंद्रप्रकाश शर्मा, महंत अरुणानंद, त्रिलोकचंद, जयप्रकाश, महंत भगतराम, सत्यमूर्ति, विनीत बोहरे, कमल कुमार आदि लोग शामिल हुए।
बयान के विरोध में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
हरिद्वार। महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में खड़खड़ी चौक पर केंद्रीय राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह के बयान के विरोध में व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री हरिद्वार के मेयर, हरिद्वार के सांसद और हरिद्वार के विधायक की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री द्वारा जो बेतुका बयान दिया उसका हरिद्वार महानगर व्यापार मंडल पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के नाम पर करोड़ों रुपये की बंदरबांट करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जो पाप केंद्रीय मंत्री द्वारा हरिद्वार के पावन तट पर किया गया वह माफी के लायक नहीं है। शहर अध्यक्ष तेजप्रकाश साहू, प्रीतकमल शर्मा एवं आकाश भाटी ने ने कहा कि गंगा में अस्थि प्रवाह के साथ केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि फूलों को गंगा में नहीं डाला जाए जहां फूल फरोशी का ठेका देकर नगर निगम को लाभ पहुंचाने वाले हरिद्वार के मेयर भी वहां उपस्थित थे। यदि मेयर मनोज गर्ग मंत्री के बयान पर अपनी सहमति जताते हैं तो हरिद्वार में फूल फरोशी के ठेके भी बंद कर देने चाहिए। इस मौके पर सुमित भाटिया, पंकज माटा, सुभाष ठक्कर, अनुज गुप्ता, नकुल माहेश्वरी, भदूत्त प्रसाद शर्मा, बलराम गिरि, शुभम सुखीजा, प्रमोद पाल, अंकुश शर्मा, सोनू सुखीजा, दीपक कुमार, संजय अग्रवाल, प्रदीप कुमार, रोहित नेगी, हेमंत कुमार, इंद्रजीत सिंह, अमित कुमार, प्रीतम सिंह, नमित शर्मा आदि शामिल रहे।