फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तहसील के प्रशासनिक अधिकारी पर ठोका 25 हजार रुपये का जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। हरिद्वार तहसील के लोक सूचना एवं प्रशासनिक अधिकारी को सूचना आयोग के आदेश के बाद भी सही सूचना नहीं देना महंगा पड़ा है। आयोग ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में उनके उत्तर को संतोषजनक नहीं पाया और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही आयोग ने सचिव सामान्य प्रशासन उत्तराखंड शासन को जून 2013 के आपदा प्रभावितों को आपदा राशि वितरण में की गई अनियमितताओं की अपने स्तर से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने 5 दिसंबर को जारी अपने आदेश में लिखा है कि कारण बताओ नोटिस के उत्तर में लोक सूचना अधिकारी की अनुपालन आख्या से प्रथम दृष्टि में ही यह प्रतीत हो रहा है कि 2013 में वितरित आपदा राहत राशि में ज्यादा अनियमितता बरती है। अपात्र व्यक्तियों को आपदा राहत राशि का भुगतान हुआ है, यहां तक की मृतक व्यक्ति को भी भुगतान किया गया है। एक लाभार्थी नीलांबर गड़कोटी को गंगा विहार कालोनी भूपतवाला का निवासी बताया गया है, जबकि अपीलार्थी का कहना है कि गंगा विहार कालोनी में इस नाम का व्यक्ति नहीं रहता है।
प्रदेश में जून 2013 में दैवीय आपदा आई थी, जिससे हरिद्वार भी प्रभावित हुआ था। तहसील कर्मियों ने सरकारी आपदा राहत राशि के वितरण में बड़ा घोटाला किया था। तीन मंजिल पर रहने को तो राहत राशि दी गई और वास्तविक प्रभावितों और प्रथम तल पर रहने वालों को छोड़ दिया गया था। कुछ वंचित लोगों की शिकायत पर जब घोटाले के राज खुला तो कुछ लोगों से वितरित धनराशि वापस लेकर भ्रष्टाचार के मामले को रफा-दफा करने का तहसील वालों मिलकर प्रयास किया। एक मृतक व्यक्ति को राहत राशि देने के बाद उससे वापस लेने का कारनामा भी किया गया था इसलिए आयोग ने आपदा राहत राशि वितरण की पूरी जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का आदेश सचिव सामान्य प्रशासन उत्तराखंड शासन को दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें