श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए संघर्ष शुरू हो गया है। हालांकि अब तक न तो गढ़वाल विवि के कुलपति की बर्खास्तगी हुई है और न तो उनका इस्तीफा ही स्वीकार हुआ है।
गढ़वाल विवि में इन दिनों अनिश्चितता का माहौल है। हालांकि राष्ट्रपति ने गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल को पद से हटाने की मंजूरी दे दी है और कुलपति भी स्वयं दिल्ली जाकर एमएचआरडी को इस्तीफा दे चुके हैं लेकिन अब तक न तो उनके इस्तीफे पर ही कोई कार्रवाई हुई है और ना ही हटाए जाने के बाबत।
इस बीच, विवि में वरिष्ठतम प्रोफेसर को कुलपति का कार्यभार दिए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि विवि के एक शिक्षक ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। शिक्षक का आरोप है कि विवि में शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारित किए जाने में पारदर्शिता नहीं बरती गई है, जिससे उनकी वरिष्ठता प्रभावित हो रही है।
वहीं एक वरिष्ठ शिक्षक के पुराने मामले को उछाला जा रहा है। उक्त शिक्षक पर विवि की ओर से गठित जांच समिति में पारदर्शिता न बरते जाने पर कोर्ट ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उक्त शिक्षक भी वरिष्ठता के आधार पर कुलपति पद के लिए चर्चा में हैं।