कर्णप्रयाग। ब्लाक के गांवों में इन दिनों पांडव नृत्य की धूम है। बुधवार को कपीरी के किमोली गांव में जहां 10 दिवसीय पांडव नृत्य का आयोजन हुआ वहीं तोप गांव के पांडवों ने आटागाड़ नदी के किनारे अपने पूर्वजों का श्राद्ध (धार्मिक मान्यताओं पर आधारित) कार्यक्रम किया। इस दौरान पांडवों ने कई गांवों का भ्रमण भी किया।
किमोली गांव के पांडव चौक में सुबह नौ बजे से पंडितों ने पूजा शुरू की। पुुजारी त्रिलोक थपलियाल और अन्य ने पांच पांडवों की पूजा अर्चना के साथ ही भगवान नारायण, लाटू देवता, कुंती और द्रोपदी की पूजा की। इस दौरान ढोल दमाऊं और भंकोरो की धुन से पूरा कपीरी पट्टी गुंजायमान रहा। आयोजन समिति के संरक्षक खिलदेव सिंह रावत ने बताया कि 22 दिसंबर को वाण कार्यक्रम, 24 को भीम की गदा और 28 दिसंबर को गैंडा कार्यक्रम होगा। 29 दिसंबर को कार्यक्रम का समापन होगा। दूसरी ओर तोप में आयोजित पांडव लीला के दौरान बुधवार को पांडवों ने आटागाड़ नदी तट पर परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार पूर्वजों का श्राद्ध कार्यक्रम किया। साथ ही भटोली, खगेली, कंडवाल गांव, ललोटी आदि गांवों का भ्रमण कर लोगों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस दौरान स्थानीय लोग भी पांडवों के साथ झूमे। ग्रामीण और पूर्व प्रमुख राजेंद्र सिंह सगोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को पांडव लीला का समापन होगा।