हरिद्वार। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के प्लास्टिक और पॉलीथिन प्रतिबंध करने आदेश के तीन दिन बाद भी जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। बाजार से लेकर घाटों तक पॉलिथीन की खुलेआम बिक्री की जा रही है। सोमवती अमावस्या के दिन हरकी पैड़ी पर पॉलिथीन के बैग और बिछाने के लिए चटाई बिकती दिखी। जिसे इस्तेमाल करने के बाद श्रद्धालु गंगा घाटों पर ही छोड़ कर चले गए।
एनजीटी ने 15 दिसंबर को गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा किनारे प्लास्टिक से बने सभी तरह के सामानों पर प्रतिबंध लगा दिया है। एनजीटी को आदेश दिए तीन दिन बीत गए लेकिन जिला प्रशासन कोई प्रभावी कार्रवाई करते नहीं दिखा। ठेलों, खोखों आदि पर पॉलिथीन जब्त करते हुए नगर निगम ने जुर्माना वसूला लेकिन ये कार्रवाई बहुत मामूली रही। मुख्य बाजारों के साथ हरकी पैड़ी पर प्लास्टिक उत्पाद और पॉलिथीन की खुलेआम बिक्री जारी। घाटों पर केनी आदि बिकती दिखी यही नहीं सब्जी बेचने वाले ठेलों पर पन्नी का इस्तेमाल होता दिखा। जिलाधिकारी दीपक रावत का कहना है कि शीघ्र ही कार्रवाई को जिला प्रशासन उतरेगा और पूरे बाजार के साथ गंगा घाटों को प्लास्टिक मुक्त कर दिया जाएगा।