गोपेश्वर। जिला गंगा संरक्षण समिति ने नदियों के संरक्षण के लिए आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों का सहयोग मांगा है। सोमवार को जिला सभागार में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में डीएम आशीष जोशी ने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई जल निगम, सिंचाई विभाग, नगर पालिका तथा स्वजल के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर नदी संरक्षण पर कार्य करने के निर्देश दिए।
जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में डीएम ने जिले में नदी किनारे बसे सभी 29 ग्राम पंचायतों में गंगा संरक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। साथ ही बदरीनाथ, जोशीमठ, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। नमामि गंगे के विशेषज्ञ अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत बदरीनाथ, जोशीमठ, गोपेश्वर, नंदप्रयाग तथा कर्णप्रयाग में सीवर लाइन और घाटों का पुनर्निर्माण कार्य करना है, इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर गठित गंगा संरक्षण समिति में डीएम अध्यक्ष, नगरपालिका गोपेश्वर व कर्णप्रयाग के अध्यक्ष के साथ ही लोनिवि, सिंचाई, जल निगम व जल संस्थान के ईई, सीएमओ, सभी वन प्रभागों के डीएफओ, स्वजल के परियोजना प्रबंधक, व्यापार संघ के अध्यक्ष, जय मां नंदा समिति की सदस्य चंद्रकला तिवारी तथा यूको क्लब जोशीमठ के सतीश चौहान समिति के सदस्य नामित किए गए हैं।