घाट (चमोली)। भूकंप के नुकसान को कम करने की मंशा से घाट तहसील मुख्यालय पर प्रशासन की ओर से आयोजित मॉकड्रिल हकीकत में बदल गई। बांजबगड़ रोड पर एक मकान में आग लगी तो यह देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी-कर्मचारी घटनास्थल तक तो पहुंचे, लेकिन उनके पास आग बुझाने के उपकरण ही नहीं थे। ऐसे में उन्होंने ग्रामीणों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
शुक्रवार सुबह नौ बजे मॉकड्रिल के लिए सभी तहसील स्तर के अधिकारी तहसील प्रांगण में इकट्ठा हुए। दस बजे यहां भूकंप की मॉकड्रिल होनी थी, लेकिन तभी बांजबगड़ रोड पर कुंतरी लगा फाली तोक में एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। सूचना पर अधिकारी-कर्मचारी मौके पर तो पहुंचे, लेकिन उनके पास आग बुझाने के कोई उपकरण नहीं थे। ऐसे में उन्होंने ग्रामीणों की मदद से पानी और मिट्टी की व्यवस्था की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लोगों ने बताया कि महिपाल सिंह के मकान पर किराए पर रह रहे नेपाली मूल के मजदूरों के कमरे में मोमबत्ती से कपड़े पर आग लग गई जो बाद में भड़क गई। आग से कमरे में रखा सारा सामान जल गया। गनीमत रही कि नेपाली मजदूर का परिवार दूसरे कमरे में था और आग की भनक लगते ही घर से बाहर निकल गया। घाट तहसील के नायब तहसीलदार बच्चीराम का कहना है कि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मदद से आग को काबू किया गया। आग से मजदूरों के कपड़े और सामान जल गया।