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बदरीनाथ व हेमकुंड में डेढ़-डेढ़ फीट और औली में पांच इंच ताजी बर्फ जमीं

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कर्णप्रयाग/देवाल/थराली/गैरसैंण। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश से देवाल और थराली की ऊंची चोटियों में भी जमकर हिमपात हुआ। वन विभाग के रेंजर गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि सोमवार रात और मंगलवार सुबह थराली और देवाल के ब्रह्मताल, भींकलताल, रूपकुंड, वेदनी सहित आसपास के बुुग्यालों में जमकर हिमपात हुआ। सोमवार रात से हो रही बारिश से थराली, नारायणबगड़, सिमली, लंगासू, गौचर, कर्णप्रयाग सहित आस पास वाले इलाके शीतलहर की चपेट में आ गए। कर्णप्रयाग मुख्य बाजार सहित आसपास के चौराहों में पालिका ने अलाव की व्यवस्था कर दी है। गैरसैंण की एसडीएम स्मृता परमार ने बताया कि बर्फबारी की संभावना को देखते हुए हिमपात से संभावित इलाकों में जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश कर्मियों को दिए गए हैं।


बारिश से किसानों के चेहरों पर लौटी रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा/नैनबाग/उत्तरकाशी। बीती रात से टिहरी जिले में हो रही झमाझम बारिाश ने ठिठुरन बढ़ा दी है, लेकिन इससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। अभी तक खेतों की मिट्टी में नमी की मात्रा कम होने के चलते किसान गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे थे। सुरकंडा सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों की पहाड़ियों पर हल्की बर्फवारी से ठिठुरन बढ़ गई है। नई टिहरी में 32.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों से जल्द गेहूं, जौ, मसूर, सरसों की बुआई करने का सुझाव दिया। चंबा-मसूरी फलपट्टी और नागणी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गेहूं का उत्पादन किया जाता है। 25 सितंबर की बारिश के बाद अभी तक बारिश नहीं हो पाई है। ऐसे में कई माह से बारिश न होने से मिट्टी में नमी कम हो गई थी, जिस कारण किसान खेतों में गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं, जिन किसानों ने गेहूं की बुआई की भी थी, वे भी बारिश न होने से फसल को लेकर आशंकित दिख रहे थे।
रानीचौरी मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार टिहरी में 32.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मंगलवार को नई टिहरी का अधिकतम तापमान 7.3 और न्यूनतम 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। काश्तकार रविंद्र सिंह, कमबल सिंह का कहना है कि मिट्टी में नमी खत्म हो जाने से जुताई भी नहीं हो पा रही थी, जिससे गेहूं की बुआई करना मुश्किल हो गया था। रानीचौरी कृषि मौसम विज्ञान विभाग के नोडल आफिसर डॉ. आरजी उपाध्याय ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए लाभकारी है। उधर, उत्तरकाशी के सुक्की गांव निवासी सेब किसान मोहन राणा ने बताया कि तापमान में आई यह गिरावट जारी रही तो सेब के पेड़ों को फायदा मिलेगा। पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे भी बर्फबारी से खिल गए हैं। मौसम यह रुख जारी रहा तो आने वाले दिनों में क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के यहां पहुंचने की उम्मीद है।


बारिश ने पौड़ी में बढ़ाई ठंडक
पौड़ी। सोमवार देर रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने क्षेत्र में ठंडक बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह कुछ देर झमाझम बारिश हुई। इसके बाद दिनभर रुकरुक कर बारिश होती रही। बारिश से क्षेत्र में ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलाव जलाकर और गर्म पकड़े पहनकर कुछ हद तक ठंडक दूर करने का प्रयास किया। जबकि ज्यादातर लोग घरों में ही दुबके रहे। जिससे बाजार दिन भर सूना रहा।

यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध
जिले में विद्युत आपूर्ति भी चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
उत्तरकाशी/बड़कोट। सर्दियों की बारिश भी यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर भारी पड़ रही है। सोमवार रात से जारी बारिश के चलते ओजरी भूस्खलन फिर सक्रिय होने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। वैकल्पिक मार्ग भी बदहाल पड़ा है, जबकि धरासू बैंड के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है। बारिश के चलते जिले की विद्युत आपूर्ति भी चरमरा गई है। लाइन क्षतिग्रस्त होने से उपला टकनौर क्षेत्र के गांवों में सोमवार रात से ही अंधेरा पसर गया है। जिले की आधी आबादी वाली रवाईं घाटी में भी सोमवार रात से ही विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। इस संबंध में ऊर्जा निगम के एसडीओ आरएल रतूड़ी ने कहा कि बारिश से कुछ जगह तकनीकी खराबी आने के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। राड़ी पार रवाईं घाटी की विद्युत आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सोमवार रात से जिले की निचली घाटियों में रुक-रुककर बारिश जारी है। मंगलवार को बीफ गांव में जगत सिंह के बेटे प्रकाश की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने अस्पताल ले जाने के लिए 108 को बुलाया, लेकिन सड़क अवरुद्ध होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इधर, धरासू बैंड के पास पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है। सोमवार रात को जनपद में औसत 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस संबंध में उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बारिश से ओजरी के पास भूस्खलन सक्रिय होने से यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध होने की सूचना है। पूर्व में तैयार किए गए वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है।
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