श्रीनगर। राजकीय शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी के साथ शिक्षकों का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने अध्यक्ष के ट्रांसफर एक्ट सहित अन्य समस्याएं रखी। वहीं डिमरी ने शिक्षकों से बेहतर शिक्षा के लिए काम करने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी शिक्षा का स्तर सुधरेगा, तो जनता का पूरा साथ मिलेगा।
रविवार देर शाम शिक्षकों के साथ नवनिर्वाचित अध्यक्ष का संवाद कार्यक्रम में ट्रांसफर एक्ट सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया गया कि ट्रांसफर एक्ट शिक्षकों समेत सभी सरकारी कर्मियों के लिए है। शिक्षकों ने कहा कि कोटीकरण में सुधार किया जाना चाहिए। इसमें स्थानीय परिस्थिति, भौगोलिक विषमता और समस्याओं का धरातलीय सर्वेक्षण होना चाहिए। अनिवार्य तबादलों में जरूरतमंदों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की भांति सूबे में भी लाभकारी पेेंशन योजना लागू हो। सरकार को अंशदायी पेंशन योजना समाप्त करनी चाहिए। शिक्षकों ने सीनियर शिक्षकों को जूनियर शिक्षकों से कम वेतन मिलने की भी शिकायत की। कहा कि सांतवें वेतनमान के बाद वेतन में आई विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए।
अध्यक्ष डिमरी ने कहा कि सरकार से सभी स्कूलों में प्रधानाचार्य नियुक्त करने की मांग की जाएगी। इसमें 50 फीसदी प्रमोशन और 50 फीसदी सीधी भर्ती होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि किसी के साथ अहित नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रदीप भंडारी, रणवीर पंवार, नरेश जमलोकी, कमलेश मिश्रा, सतीश बलूनी, अरविंद नेगी, टीका डिमरी, राजेश सेमवाल, बलराज गुुंसाई, प्रवीण चौहान और देवेद्र रावत आदि मौजूद थे।