गैरसैंण। विधानसभा सत्र के लिए पखवाड़े भर तक गुलजार रहा भराड़ीसैंण एक बार फिर वीरान हो गया। निर्माण में लगे चंद मजदूरों और अधिकारियों के अलावा भराड़ीसैंण में सन्नाटा छाया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई मंत्री शुक्रवार रात को यहां रुके और करीब 55 माननीय शनिवार सुबह ही दून और अन्य सुगम स्थानों के लिए रवाना हो गया।
बृहस्पतिवार से भराड़ीसैंण में सात दिवसीय शीतकालीन सत्र का आयोजन होना था, जिसकी तैयारियों के लिए चमोली जिला प्रशासन सहित आला अधिकारियों के यहां आने जाने और तैयारियों में लगे होने से पखवाड़े भर से भराड़ीसैंण में रौनक थी। सात दिन का सत्र शुक्रवार को दो दिन में ही निपट गया। हालांकि सत्र के देर तक चलने के चलते शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, संसदीय कार्यमंत्री सहित कई माननीयों को भराड़ीसैंण में ही रुकना पड़ा, जबकि कई अधिकारी और विधायक तो शुक्रवार रात को ही रवाना हो गए थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव और संसदीय कार्यमंत्री हेलीकॉप्टर से देहरादून रवाना हुए तो नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश सहित कई माननीय सड़क मार्ग से निकल पड़े। शनिवार दोपहर तक भराड़ीसैंण खाली हो चुका था। अब यहां फिर वीरानी छाई है।