देवाल। ब्लॉक के सवाड़ में आयोजित दो दिवसीय शहीद सैनिक मेले का सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुभारंभ किया। उन्होंने सवाड़ गांव स्थित प्रथम विश्व युद्ध के शहीद सैनिकों के स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांव के पूर्व सैनिकों ने सेना की यूनिफार्म में सीएम का अभिवादन किया। इस दौरान सीएम ने तहसील के तीनों ब्लाकों के 335 लोगों को 1 करोड़ 29 लाख के लोन के चेक बांटे। मेले के शुभारंभ पर स्कूली बच्चों ने कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सवाड़ गांव में आयोजित दो दिवसीय शहीद सैनिक मेेले का शुभारंभ करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के गांवों को संचार सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सवाड़ गांव के जांबाज सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। आज उन वीर सपूतों को नमन करने का अवसर मिला है। उन्होंने सवाड़ गांव में केंद्रीय विद्यालय खोलने सहित सभी मूलभूत सुविधाएं देने का लोगों को आश्वासन दिया और गांव में स्थित शहीद स्मारक के विस्तार की घोषणा की। सीएम ने ग्रामीणों से स्वरोजगार से आर्थिकी को सबल बनाने का आह्वान किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने गांव की मुख्य समस्याओं के समाधान के लिए रोड मैप तैयार करने का आश्वासन दिया। विधायक मगनलाल शाह ने सीएम से थराली विधान सभा को गोद लेने, देवाल ब्लॉक के मोटर मार्गों को आरटीओ से पास करने की मांग की। क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने ब्लाक को नकदी फसल का मॉडल बनाने व जंगली जानवरों के लिए सरकार से बाड़ा बनाने की मांग की। समारोह में हिमालयन पब्लिक स्कूल देवाल और प्राथमिक स्कूल सवाड तल्ला के बच्चों ने रंगारंग लोक गीत और लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी।
मेले में कृषि, सहकारिता, स्वास्थ्य, शिक्षा, रूपकुंड सहकारिता समिति, साधन सहकारी समिति, उद्यान, उत्तराखंड पावर टेक्नोलॉजी, व आजीविका की ओर से स्टॉल लगाए गए। दलबीर दानू और दर्शन धपोला के संचालन में हुए कार्यक्रम में हंस फाउंडेशन के पदमेंद्र बिष्ट, क्षेत्र पंचायत प्रमुख थराली राकेश जोशी, डीसीबी के निदेशक महाबीर बिष्ट, सैनिक कल्याण बोर्ड के प्रमोद बहुगुणा, दलबीर बिष्ट, केडी मिश्रा, आलम सिंह, मनोज कुमार, हरेंद्र कोटेड़ी, इंद्र सिंह राणा, गिरीश मिश्रा, रणजीत सिंह नेगी, गोविंद सिंह पांगती, नरेंद्र बिष्ट, पुष्कर बिष्ट, देवकी देवी आदि मौजूद थे।
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नहीं दे पाए सीएम को ज्ञापन
मेले में सीएम के आने की सूचना पर कई गांवों के ग्रामीण 14 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर समस्याओं का ज्ञापन देने पहुंचने थे। सुरक्षा चाक-चौबंद होने के कारण अधिकांश लोग सीएम को ज्ञापन नहीं दे पाए।