भराड़ीसैंण। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार गैरसैंण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और गैरसैंण पर जनभावनाओं के अनुसार ही फैसला लिया जाएगा। गैरसैंण ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में होम स्टे योजना के माध्यम से पलायन रोकने और रोजगार सृजन के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रामगंगा में झील बनाकर गैरसैंण के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी। गैरसैंण विधानसभा निर्माण में एनजीटी द्वारा मानकों की अनदेखी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि एनजीटी के साथ वार्ता कर इस मसले को सुलझा दिया जाएगा। गैरसैंण में स्थायी या ग्रीष्मकालीन राजधानी के सवाल को मुख्यमंत्री ने यह कहकर टाल दिया कि यहां शीतकालीन सत्र का आयोजन ही इस सवाल का जवाब है। जो लोग गैरसैंण को लेकर सरकार से सवाल कर रहे थे, उन्हें इसे समझना चाहिए। हालांकि आगे उन्होंने यह भी कहा कि जब गैरसैंण में सत्र आयोजित हो रहा है तो अन्य चीजें भी हो जाएंगी। इस दौरान चमोली के जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, टीका प्रसाद मैखुरी, दिनेश गौड़ आदि मौजूद थे।