श्रीनगर। उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी मांगों पर अमल न होने पर बृहस्पतिवार को गैरसैंण कूच करेंगे। वहां विधान सभा के सम्मुख धरना प्रदर्शन व घेराव किया जाएगा। समिति के संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि इसके बाद भी मांगे पूरी नहीं होने पर 30 जनवरी को प्रदेश बंद किया जाएगा।
बुधवार को डालमिया धर्मशाला में हुई त्तराखंड चिह्नित आंदोलनकारियों की बैठक में मौजूद समिति के संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि गांवों के विकास के लिए गैरसैण में स्थायी राजधानी होनी चाहिए। कहा कि जल, जंगल और जमीन पर आधारित राज्य की परिकल्पना तभी साकार हो सकती है। उन्होंने 11 सूत्री मांगों पर कार्रवाई नहीं होने को आंदोलनकारियों की उपेक्षा बताया। कहा कि राज्य निर्माण के 17 साल बाद भी मुज्जफरनगर कांड के दोषियों को सजा नहीं मिल पाई है। उन्होंने राज्य आंदोलन के दौरान कार्यरत सभी कर्मियों को उचित लाभ या बोनस राशि देने की भी मांग की। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर अब 30 जनवरी को प्रदेश बंद का एलान किया जाएगा। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि राज्य सरकार के गठन के करीब सात माह बाद भी आंदोलनकारियों की 11 सूत्री मांगों पर शासन से वार्ता तक नहीं हो पाई है। इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, हर्षवर्धन, केदार सिंह बिष्ट, उम्मेद सिंह महरा, मदन मोहन नोटियाल, दीपा रावत, हीरा लाल जैन आदि मौजूद थे।