भराड़ीसैंण। गैरसैंण ब्लाक के भराड़ीसैंण के निर्माणाधीन विधानसभा परिसर में आज (बृहस्पतिवार) से हो रहे शीतकालीन सत्र को लेकर स्थानीय लोगों उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि गैरसैंण को राजधानी का नाम देने के लिए डबल इंजन की सरकार काम करेगी।
मेहलचौंरी के सुरेश बिष्ट का कहना है कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं का केंद्र है। और इसी जनभावना ने प्रदेश में भारी बहुमत की सरकार दी है। ऐसे में इस बार यहां राजधानी की घोषणा होनी चाहिए। वहीं जगमोहन कठैत का कहना है कि गैरसैंण को लेकर प्रदेश सरकार बेहतर काम करेगी। दिवालीखाल के पूरन सिंह का कहना है कि जब यहां पहला, दूसरा और तीसरा सत्र हुआ था तो लोगों को लगा कि गैरसैंण को जिला, राजधानी आदि बनाकर पहाड़ी क्षेत्र का विकास किया जाएगा, लेकिन उन्हें निराश ही होना पड़ा।
बोले नेता
गैरसैंण जनभावनाओं का केंद्र है, और प्रदेश सरकार जनभावनाओं पर काम कर रही है। यहां शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार पहाड़ में आई है। निश्चित ही पहाड़ के विकास की योजनाओं को पंख लगेंगे। साथ ही यहां कई मसलों पर सदन में चर्चा कर धरातल पर उतारा जाएगा।
---------सतपाल महाराज, पर्यटन, सिंचाई मंत्री उत्तराखंड सरकार।
यदि प्रदेश सरकार भराड़ीसैंण को लेकर पिछले 8 माह तक सुस्त नहीं रहती तो यहां होने वाला यह सत्र पूर्ण निर्मित भवन में होता, लेकिन सरकार की सुस्ती के चलते यहां अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है। गैरसैंण पहाड़ की भावना है और यहां ग्रीष्मकालीन नहीं बल्कि स्थायी राजधानी होनी चाहिए।
------गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक जागेश्वर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।
सरकार पहाड़ को लेकर फेल रही है। यही नहीं जीरो टॉलरेंस के नाम पर भी ढकोसला कर रही है। एनएच-74 का मामला हो या किडनी कांड। सभी मामलों को सदन में उठाया जाएगा।
----------करन माहरा, विधायक रानीखेत।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाना चाहिए। यहां विधानसभा सहित सभी निर्माण कार्यों की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किए हैं। ऐसे में सरकार को अब केवल राजधानी की घोषणा करनी चाहिए।
---------डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, पूर्व उपाध्यक्ष विधानसभा।
प्रदर्शनों का रहेगा दिन
भराड़ीसैंण। आज बृहस्पतिवार को जहां सदन विभिन्न मुद्दों से गरमाएगा, वहीं सदन के बाहर आंदोलनों की तपिश रहेगी। उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के संयोजक धीरेंद्र प्रताप ने जहां गैरसैंण में सत्याग्रह करने की चेतावनी दी है। समिति के जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि गैरसैंण राजधानी सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर विधानसभा घेराव किया जाएगा, जबकि कांग्रेस भी स्थानीय मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव की रणनीति बना चुकी है तो प्राथमिक शिक्षक संगठन ब्रिज कोर्स के विरोध में विधानसभा घेराव करेगा। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन, नशा नहीं रोजगार दो समिति, गैरसैंण जिला बनाओ संघर्ष समिति सहित स्थानीय लोगों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है। ब्यूरो