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मुख्यमंत्री की विधानसभा में ही नहीं पहुंचा विकास

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फाइल फोटो नेम-
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सीएम की विधानसभा में ही नहीं पहुंची विकास की किरण
-- पक्की सड़क और पेजयल के लिए भटक रहे हैं ग्रामीण
राव राशिद
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विधानसभा डोईवाला के अंतर्गत ग्रामसभा लड़वाकोट से विकास कोसों दूर है। स्थानीय ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा के नाम पर पक्की सड़क तक नसीब नहीं हो पा रही है। पेयजल के लिए यहां के ग्रामीण आज भी प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर हैं। उन्हें गांव से दूर स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ता है। दून जिले की डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत थानो न्याय पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामसभा लड़वाकोट की आबादी लगातार घट रही है। ग्रामीण शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, इसकी मुख्य वजह गांव में बुनियादी सुविधाओं का नहीं होना है। ग्राम प्रधान ज्ञानदेई मनवाल के मुताबिक धारकोट-लड़वाकोट मोटर मार्ग का वर्ष- 2003 से पहले डामरीकरण किया गया था। डेढ़ दशक बाद भी सड़क का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि शासन से इसी साल जून- 2017 में पांच किलोमीटर मोटर मार्ग के लिए एक करोड़ 76 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। मगर लोक निर्माण विभाग सड़क का निर्माण शुरू करने को तैयार नहीं है। खास बात यह है कि स्वीकृत सड़क योजना में गांव को जोड़ने वाले चार किमी. के पैच को शामिल ही नहीं किया गया है। लिहाजा ग्रामीणों को पक्की सड़क नहीं होने से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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पानी को प्राकृतिक जलस्रोतों का सहारा
ऋषिकेश। ग्राम प्रधान ज्ञानदेई मनवाल ने बताया कि वर्ष 2013-14 में गांव के लिए लड़वाकोट-प्लेड पेयजल पुनर्गठन योजना को स्वीकृति मिली थी। मगर चार साल बीतने के बाद भी इस योजना का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। पेयजल संसाधन उप समिति को चार लाख रुपये की रकम योजना के पुनर्गठन को मिले थे, लेकिन इस धनराशि को वन विभाग की योजना से संबंधित स्वीकृति नहीं मिलने की वजह से जल निगम ने वापस ले लिया। जिसे लौटाया नहीं जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण जंगल में प्राकृतिक स्रोतों से पानी सिर पर ढोकर लाने का मजबूर हैं।
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गांव से हो रहा है पलायन
ग्रामसभा लडवाकोट की आबादी वर्तमान में करीब 350 है। प्रधान की मानें तो प्रतिवर्ष गांव से सुविधाओं के अभाव में तीन से चार परिवार पलायन कर रहे हैं। कई दफा शासन से भी गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए पत्राचार किया जा चुका है। मगर नतीजा सिफर रहा।
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