देवाल (चमोली)। मार्गशीर्ष की पूर्णिमा को रविवार दोपहर तीन बजे वाण के पौराणिक लाटू देवता मंदिर के कपाट वैदिक अनुष्ठानों के साथ बंद कर दिए गए। अब बैसाख माह की पूर्णिमा को मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे।
मंदिर के पुजारी खीम सिंह और हीरा पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ लाटू देवता की पूजा अर्चना की। दोपहर तीन बजे मंदिर में स्थित तांबे के पट्ट को पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विधि-विधान से बैसाख माह की पूर्णिमा तक के लिए बंद कर दिया गया। पुजारी खीम सिंह ने बताया कि बैसाख की पूर्णिमा को वर्ष में एक ही बार उनके द्वारा तांबे का पट्ट (दरवाजा) खोलकर आंखों में काली पट्टी बांधकर मंदिर में प्रवेश कर दीपक जलाने की प्रक्रियाएं संपादित कर मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस मौके पर विधायक मगन लाल शाह, ग्राम प्रधान खीमी राम, क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा पहाड़ी, कृष्णा बिष्ट, हीरा बुग्याली, बालू पांडे, नारायण सिंह, गब्बर सिंह, महिपत सिंह, धन सिंह, देवंद्र पंचोली आदि श्रद्धालुओं ने लाटू देवता से सुख-समृद्धि की कामना की।